मुक्तिधाम की बदहाली पर फूटा गुस्सा, MLA प्रतिनिधि का 15 दिन का अल्टीमेटम, नहीं सुधरे हालात तो सस्पेंशन तय
एमपी के देवास में शहर के सबसे संवेदनशील स्थल मुक्तिधाम की बदहाल स्थिति ने एक बार फिर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई बार निरीक्षण और सुधार के दावों के बावजूद जमीनी हकीकत जस की तस बनी हुई है। बुधवार को विधायक प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल, भाजपा पार्षद धर्मेंद्र सिंह बेस, अजय पडियार और निलेश कहार निगम अधिकारियों की टीम के साथ मुक्तिधाम का जायजा लेने पहुंचे। लेकिन वहां की स्थिति देखकर सभी हैरान रह गए। चारों ओर फैली गंदगी, अव्यवस्था और लापरवाही साफ तौर पर नजर आई।
मौके पर हालात देखकर विधायक प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने मुक्तिधाम प्रभारी हरेंद्र ठाकुर को सस्पेंड करने तक की चेतावनी दे दी। साथ ही मौके पर मौजूद दरोगा को सख्त निर्देश दिए कि 15 दिन के भीतर व्यवस्थाएं नहीं सुधरीं, तो सीधे कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि शवदाह के लिए रखी लकड़ियां गीली थीं, जो अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील कार्य में बड़ी बाधा बन सकती हैं। इस पर नाराजगी जताते हुए अग्रवाल ने निर्देश दिए कि सूखी लकड़ी और कंडों का पर्याप्त स्टॉक हर समय उपलब्ध रखा जाए, ताकि शोक संतप्त परिवारों को किसी तरह की परेशानी न हो।
इतना ही नहीं, डिप्टी कमिश्नर समेत निगम के अन्य अधिकारियों को भी जमकर फटकार लगाई गई। अग्रवाल ने दो टूक शब्दों में कहा कि मुक्तिधाम जैसी जगह पर लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने गैस शवदाह गृह के अधिक उपयोग पर भी जोर दिया, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पारंपरिक संसाधनों पर दबाव कम किया जा सके। इस निरीक्षण ने निगम के दावों की पोल खोल दी है। अब सबकी निगाहें 15 दिन बाद होने वाले अगले निरीक्षण पर टिकी हैं, जहां तय होगा कि हालात सुधरते हैं या फिर लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की गाज गिरती है।