पीयो नीम का कड़वा, मनाओ गुड़ी पड़वा, लोगों ने चाव से किया नीम की मिठास का सेवन
पीयो नीम का कड़वा, मनाओ गुड़ी पड़वा जी हां आज भी कई ऐसी परम्पराएं हैं। जिन्हे निभाया जा रहा है। उनमें से ही एक ये भी है। जहां नीम की मिठास के साथ हिंदू नव वर्ष की शुरुआत की जाती है। और यह परम्परा 31 सालों से लगातार जारी है। तस्वीरें अवंतिका नगरी उज्जैन की हैं। जहां हिंदू नववर्ष और गुड़ी पड़वा का पर्व पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। पीयो नीम का कड़वा, मनाओ गुड़ी पड़वा के संकल्प के साथ गोपाल मंदिर के पास पटनी बाजार में विशेष आयोजन हुआ। श्री शंभू आयुर्वेदोत्थान केन्द्र, औषधालय और श्री सामाजिक युवा परिषद उजयनि के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में नागरिकों को नीम का रस पिलाकर निरोग रहने का संदेश दिया गया। सौभाग्यवेश्वर महादेव के पुजारी पंडित प्रवीण पंड्या और वैद्य शैलेंद्र जोशी के मुताबिक यह आयोजन पिछले 31 सालों से लगातार किया जा रहा है। जिसका मुख्य उद्देश्य आयुर्वेद के माध्यम से गर्मी के रोगों से सुरक्षा और साल भर आरोग्य प्रदान करना है। बालीन महंत बाबा क्षिप्रेश्वर भारती के सान्निध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में आयुर्वेद की महत्ता पर जोर देते हुए बताया गया कि चैत्र मास की शुरुआत में नीम का सेवन सर्वश्रेष्ठ औषधि के समान है। आयोजन में संयोजक संजय बांठिया (राम काका) समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। इस दौरान नीम के औषधीय गुणों को अपनाकर स्वस्थ जीवन जीने का संकल्प लिया। पटनी बाजार के इस प्राचीन केंद्र पर सुबह से ही उत्साह का माहौल रहा और परंपरा के अनुसार नव संवत्सर का अभिनंदन किया गया। वैद्य शैलेंद्र जोशी ने बताया कि बदलते मौसम में नीम शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होता है। इसी उद्देश्य से यह सेवा कार्य तीन दशकों से अधिक समय से जारी है। इस दौरान कई लोगों की मौजूदगी रही।-