आंधी-ओलावृष्टि से तबाही, 34 जिलों में अलर्ट जारी, MP में मौसम का यूटर्न: बारिश | SAGAR TV NEWS |
मध्यप्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ सिस्टम के सक्रिय होने से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि का दौर जारी है। इस बदलते मौसम ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं किसानों की चिंता बढ़ा दी है। राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के कई शहरों में बीती रात तेज बारिश दर्ज की गई। भोपाल में देर रात करीब 1 बजे और सुबह 5:30 बजे जोरदार बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट आई और मौसम सुहावना हो गया। लेकिन यह राहत ज्यादा देर की नहीं है, क्योंकि मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए चेतावनी जारी की है।
मौसम विभाग के अनुसार, ग्वालियर, जबलपुर सहित 34 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। सिवनी, मंडला, बालाघाट, दतिया, निवाड़ी और टीकमगढ़ में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है। बीते दो दिनों में रतलाम, उज्जैन, बैतूल, मैहर और पांढुर्णा सहित कई जिलों में तेज बारिश हुई। बैतूल और दमोह में करीब आधा इंच पानी दर्ज किया गया। इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में तेज हवाओं के साथ बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया।
ओलावृष्टि और तेज हवाओं से किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। खासतौर पर गेहूं और संतरे की फसलें प्रभावित हुई हैं। कई जगह खेतों में खड़ी फसलें गिर गईं, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। वहीं, अमरकंटक में झमाझम बारिश ने मौसम को बेहद खुशनुमा बना दिया। मां नर्मदा की उद्गम स्थली पर बारिश के साथ आध्यात्मिक माहौल और भी निखर उठा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 22 मार्च के बाद यह सिस्टम कमजोर पड़ जाएगा और प्रदेश में एक बार फिर गर्मी का असर बढ़ने लगेगा। फिलहाल प्रशासन और मौसम विभाग अलर्ट मोड पर हैं और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।