सफेद आफत ने बरपाया कहर, ओलावृष्टि से विदिशा के खेत तबाह, किसानों के अरमान चकनाचूर | SAGAR TV NEWS |
मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने किसानों पर कहर बरपा दिया है। कुरवाई तहसील के मंडी बामोरा बेल्ट में शुक्रवार दोपहर हुई तेज बारिश और भीषण ओलावृष्टि ने एक दर्जन से ज्यादा गांवों में तबाही मचा दी। दोपहर करीब 2 बजे आसमान में अचानक काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ ओले गिरना शुरू हो गए। देखते ही देखते हालात इतने बिगड़ गए कि सीहोरा, ककरुआ, लेटनी, पीकलोन, गुदावल और गंभीरिया सहित आसपास के गांवों में खेतों और सड़कों पर बर्फ जैसी सफेद चादर बिछ गई। इस ‘सफेद आफत’ ने कुछ ही मिनटों में किसानों की सालभर की मेहनत को तबाह कर दिया।
बताया जा रहा है कि ओलों का आकार काफी बड़ा था, जिससे खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। खेतों में तैयार खड़ी गेहूं, चना और सरसों की फसलें पूरी तरह जमीन पर गिर गईं। कई किसानों ने कटाई शुरू ही की थी, लेकिन इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। गेहूं की बालियां टूटकर खेतों में बिछ गईं, वहीं चने के पौधे उखड़ गए और सरसों की फलियां झड़कर पूरी तरह नष्ट हो गईं। खेतों में पानी भरने से अब फसलों के सड़ने और काले पड़ने का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे नुकसान और ज्यादा होने की आशंका है।
इस अचानक आई प्राकृतिक आपदा से किसान बेहद चिंतित और परेशान हैं। कई किसानों ने प्रशासन से फसल सर्वे कर मुआवजा देने की मांग की है, ताकि उन्हें कुछ राहत मिल सके। स्थानीय प्रशासन ने भी स्थिति का जायजा लेना शुरू कर दिया है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। हालांकि किसानों का कहना है कि जब तक उन्हें जल्द राहत नहीं मिलेगी, तब तक उनकी आर्थिक स्थिति संभालना मुश्किल हो जाएगा। फिलहाल विदिशा के गांवों में ‘सफेद आफत’ के बाद मातम जैसा माहौल है और किसान अपनी बर्बाद फसलों को देखकर मायूस नजर आ रहे हैं।