अवंतिका में 51 फीट ऊंची धर्म ध्वजा का शंखनाद, सड़कों पर बिखरी अनूठी छटा
विक्रमादित्य की नगरी उज्जैन में भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिसे लोग देखते ही रह गए। जहां अवंतिका में 51 फीट ऊंची धर्म ध्वजा का शंखनाद किया गया है। लगातार 11वें साल भी नव संवत्सर का जयघोष गूंजा। हिंदू नववर्ष और गुड़ी पड़वा के पावन मौके पर अवंतिका की सड़कों पर सनातन संस्कृति की अनूठी छटा बिखरी नजर आई। अनंत विभूषित गुरु मां डॉ कल्याणी चैतन्य अम्मा जी की प्रेरणा से धर्मसम्राट स्वामी करपात्री कल्याण संघ और विक्रमादित्य नवसंवत धर्म ध्वजारोहण समिति द्वारा विशाल चल समारोह निकाला गया। क्षत्री चौक से शुरू हुआ यह भव्य जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ रुद्र सागर स्थित विक्रमादित्य टीला सिंहासन बत्तीसी पहुंचा। ढोल-धमाकों और भगवा ध्वजों से पटे इस मार्ग पर चारों ओर उत्साह का माहौल था। कार्यक्रम के संयोजक फूलचंद जरिया के मुताबिक अम्मा जी के मार्गदर्शन में पिछले 11 सालों से यह आयोजन किया जा रहा है। जिसका उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना है। चल समारोह के समापन पर विक्रमादित्य टीले पर विद्वान संतों का सम्मान किया गया। इस दौरान कई प्रमुख संतों की मौजूदगी रही। समिति के आदित्य नागर ने बताया कि 51 फीट लंबे विशाल ध्वज को पूरे मार्ग पर श्रद्धापूर्वक लाया गया और आखिर में टीले पर स्थापित कर नव संवत्सर की मंगल कामना की गई। सच्चिदानंद महाराज ने अपने संबोधन में इसे सनातन धर्म की पताका फहराने का प्रतीक बताया, वहीं पंडित गिरीश शर्मा बालक गुरु ने विक्रमादित्य की नगरी में इस भव्य स्वागत को जरूरी बताया। पूरे मार्ग पर पुष्प वर्षा के साथ चल समारोह का भव्य स्वागत हुआ। आयोजन में कई लोगों की मौजूदगी रही।