सागर-ओलावृष्टि से तबाह फसलें, शाहगढ़ में किसानों पर टूटा कहर, तहसीलदार ने दिया मुआवजे का भरोसा
सागर जिले की शाहगढ़ तहसील में हुई बेमौसम ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। अचानक बदले मौसम ने कई गांवों में खड़ी फसलों को पूरी तरह चौपट कर दिया, जिससे किसानों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। शाहगढ़ तहसील के चकेरी, निहानी, भीकमपुर और सांदागिर सहित आसपास के गांवों में तेज बारिश और ओलों की मार से खेतों में खड़ी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। गेहूं, चना और अन्य रबी फसलें जो कटाई के लिए तैयार थीं, ओलावृष्टि की मार से जमीन पर बिछ गईं। किसानों के मुताबिक, ओले इतने तेज और बड़े थे कि कुछ ही मिनटों में फसलें बर्बाद हो गईं। खेतों में पानी भर गया है, जिससे फसलों के सड़ने का खतरा भी बढ़ गया है। कई किसानों का कहना है कि अब उनकी मेहनत और लागत निकालना भी मुश्किल हो जाएगा।
घटना की जानकारी मिलते ही शाहगढ़ तहसीलदार जी. सी. राय मौके पर पहुंचे और प्रभावित गांवों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने किसानों से बातचीत कर नुकसान की जानकारी ली और उन्हें भरोसा दिलाया कि प्रशासन द्वारा जल्द सर्वे कर मुआवजा दिलाया जाएगा। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वे करें, ताकि नुकसान का सही आकलन किया जा सके और किसानों को जल्द राहत मिल सके। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए, ताकि वे इस संकट से उबर सकें। उनका कहना है कि अगर समय पर मदद नहीं मिली, तो आर्थिक स्थिति और भी खराब हो सकती है। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। किसानों को उम्मीद है कि सरकार उनकी मदद के लिए आगे आएगी और उन्हें राहत प्रदान करेगी।