फायर ब्रिगेड ड्राइवर की मौ त, सुपरवाइजर पर लगे बड़े आरोप और फिर
मध्यप्रदेश के विदिशा जिले के गंजबासौदा से एक दर्दनाक और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां नगर पालिका के फायर ब्रिगेड ड्राइवर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने सुपरवाइजर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना गंजबासौदा नगर पालिका परिषद की है, जहां फायर ब्रिगेड में ड्राइवर के पद पर कार्यरत मुकेश अहिरवार ने गुरुवार दोपहर जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर उसे तत्काल राजीव गांधी जन चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान देर रात उसकी मौत हो गई। मृतक के पिता भैयालाल अहिरवार ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे को नगर पालिका में पदस्थ फायर ब्रिगेड सुपरवाइजर द्वारा लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। उसे बार-बार नौकरी से हटाने की धमकी दी जाती थी, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान था।
परिजनों के मुताबिक, मुकेश ने अपने साथियों और परिवार को भी इस प्रताड़ना के बारे में बताया था। इसी तनाव और डर के कारण उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया। बताया जा रहा है कि मुकेश ने एक वीडियो भी बनाया, जो अब वायरल हो रहा है। इस वीडियो में उसने दो लोगों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। घटना के बाद गुस्साए परिजन चक्काजाम करने की तैयारी में थे, लेकिन देहात थाना प्रभारी मनोज दुबे ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। अब यह जांच का विषय है कि क्या वाकई प्रताड़ना इस मौत की वजह बनी या इसके पीछे कोई और कारण भी है। कुल मिलाकर, यह घटना न सिर्फ प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि कार्यस्थल पर मानसिक दबाव के गंभीर परिणामों को भी उजागर करती है। अब सबकी नजर पुलिस जांच पर टिकी है। रामकुमार लोधी सागर टीव्ही न्यूज़