Sagar - आग से जिंदा जली महिला, जलती कार में सीमा को छोड़ तीनों सुरक्षित कैसे निकले ?
सागर-दमोह रोड पर चनाटोरिया टोल नाके के पास शनिवार सुबह 4 बजे एक कार आग का गोला बन गई। उसमें पीछे सवार महिला की जलने से मौत हो गई। जबकि कार चला रहे उसके पति व दो अन्य लोग सही सलामत बच गए। मृतका की पहचान सीमा कुर्मी के रूप में की गई, मामला संदिग्ध हो गया क्योंकि डॉक्टर और उसकी पत्नी के बीच अनबन चल रही थी। वहीं डॉक्टर और उसके दोनों कर्मचारी सीमा को जलती कार में छोडकर खुद सुरक्षित निकल आए. डॉक्टर ने जो घटनाक्रम बताया उससे हादसे की बजाय हत्या की आशंका जताई जा रही है। डॉक्टर और उसके साथ कार में आ रहे दोनों सहयोगी कर्मचारियों से सानौधा थाने में पूछताछ की जा रहीं हैं.
मान भी लिया जाए कि कार के सभी गेट लॉक हो गए तब डॉक्टर और उसके दोनों कंपाउंडर सीमा को सुलगती कार में ही छोडकर बाहर कैसे और क्यों निकल गए? इन्होंने सीमा को बचाने के लिए कोई कोशिश क्यों नहीं की?
सीमा को बचाने का कोई निशान कार पर नहीं मिले हैं। कार के न कांच तोड़े गए और न आग बुझाने की कोशिश की गई। निलेश या अन्य दोनों कंपाउंडर के शरीर पर झुलसने जैसे बचाव के कोई सबूत नहीं हैं?
डॉक्टर नीलेश ने अपने ससुराल वालों व एक रिश्तेदार को फोन पर बताया कि ट्रक से कार की टक्कर हो गई है। इसके कुछ देर बाद फिर कहा कि कार में आग लग गई है। जब पुलिस ने डॉक्टर के बयान लिए तो कहा किसी कार ने कट मारा था, जिससे मेरी कार सड़क से नीचे उतर गई
सानौधा थाना प्रभारी भरत सिंह के अनुसार डॉक्टर ने यह भी बताया है कि आग लगने के बाद कार में ब्लास्ट हुआ था, जिससे आग बढ़ गई। जबकि घटना स्थल पर परिस्थितियां ऐसी नहीं दिख रहीं। टंकी भी सही सलामत है।
पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि महिला घर पर बेहोश कैसे हुई? वह बेहोश थी या कुछ और हुआ था। कार में उसके शरीर पर कोई ज्वलनशील पदार्थ तो नहीं छिड़का गया, क्योंकि जिस तरह से शव जला है आमतौर पर कार में आग लगने से शव ऐसा नहीं दिखता।