मंदिर में मची भागो-भागो की अफरा-तफरी ! भगदड़ रोकने के लिए प्रशासन की हाई अलर्ट मॉकड्रिल
एमपी के सागर संभाग के निवाड़ी जिले की आस्था नगरी ओरछा से एक अहम खबर सामने आई है, जहां रामराजा सरकार मंदिर में संभावित भगदड़ जैसी स्थितियों से निपटने के लिए प्रशासन ने हाई-इंटेंसिटी मॉकड्रिल आयोजित की। इस दौरान एक छोटी सी अफवाह ने कुछ ही सेकंड में भगदड़ जैसे हालात पैदा कर दिए, जिससे हर कोई सतर्क हो गया। दरअसल, ओरछा के प्रसिद्ध रामराजा मंदिर में हर दिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। त्योहारों के दौरान यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में भीड़ प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बन जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों ने संयुक्त रूप से मॉकड्रिल का आयोजन किया।
अभ्यास के दौरान कुछ लोगों ने अचानक भीड़ के बीच ‘भागो-भागो’ की आवाज लगाई। बस फिर क्या था—कुछ लोग दौड़ पड़े और देखते ही देखते भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस दौरान कुछ लोग घायल भी हुए, जिन्हें तुरंत एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा गया। मौके पर मौजूद कलेक्टर जमुना भिड़े ने तुरंत स्थिति को संभाला और लोगों को समझाया कि बिना सच्चाई जाने घबराकर भागना सबसे बड़ी गलती है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अफवाहों पर भरोसा न करें, पहले स्थिति को समझें, तभी कोई कदम उठाएं।
वहीं, पुलिस अधीक्षक डॉ. राय सिंह नरवरिया खुद मौके पर टीम का नेतृत्व करते नजर आए। उन्होंने सुरक्षा बलों को निर्देश दिए कि भीड़ को कैसे नियंत्रित करना है, कहां बैरिकेडिंग करनी है और आपात स्थिति में किस तरह से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। मॉकड्रिल के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि जब भीड़ स्थिर हो जाती है, तो पीछे से दबाव बढ़ता है और भगदड़ का खतरा पैदा होता है। ऐसे में भीड़ को लगातार गतिशील रखना बेहद जरूरी है। प्रशासन ने इस अभ्यास के जरिए साफ संदेश दिया है कि अफवाह ही भगदड़ की सबसे बड़ी वजह होती है। जागरूकता और संयम ही ऐसी घटनाओं से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।