सागर- ओलावृष्टि से चौपट हुई फसलों का मिले मुआवजा, गेहूं और चने की फसल को भारी नुकसान
हाल ही में सागर जिले में अचानक से मौसम में बदलाव देखने को मिला था। जिसके बाद बारिश और ओलावृष्टि होने से किसानों की पकी पकाई फसल नष्ट हो गयी। जिससे किसान चिंतित हैं। और नुक्सान की भरपाई के लिए प्रशासन से आस लगाए बैठे हैं। इसी को लेकर खुरई क्षेत्र में बारिश और ओलावृष्टि के कारण फसलों के हुए नुकसान के सर्वे कराने की मांग की गयी है। खुरई तहसील में शुक्रवार को बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान हुआ है।
बताया जा रहा है की क्षेत्र के करीब 20 से 25 गांवों में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि से किसानों की खड़ी और थ्रेसर के लिए कटी रखी गेहूं और चने की फसल को भारी नुक्सान हुआ है। जिसको लेकर भारतीय किसान संघ के खुरई अध्यक्ष अनुरुद्ध सिंह के नेतृत्व में किसानों ने मुख्यमंत्री और कलेक्टर के नाम का ज्ञापन तहसीलदार डॉ राकेश कुमार को सौंपा है। और मांग की गई है कि ओलावृष्टि और बारिश से फसलों के नुकसान का सर्वे जल्दी कराकर सरकार किसानों को मुआवजा राशि और फसल बीमा दिलाने का काम करे। किसानों का आरोप है कि बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 14447 पर जब फोन लगाया तो या तो लग नहीं रहा या लगता है तो शिकायत नंबर बताने पर जबाब आता है कि शिकायत नंबर गलत है। किसानों ने बीमा कंपनी पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है नियम है कि प्राकृतिक आपदा से फसलों के नुकसान के 72 घंटों के अंदर कंपनी के टोल फ्री नंबर पर सूचना देकर शिकायत दर्ज करानी पड़ती है। नहीं तो बीमा लाभ नहीं दिया जाएगा। किसानों का कहना है कि यह नियम तत्काल हटाया जाना चाहिए। बीमा प्रीमियम काटा है तो बीमा राशि किसानों को लेने का अधिकार है।