सागर- शाहगढ़ नगर परिषद में बवाल! CMO के रवैये से नाराज़ पार्षदों का वॉकआउट, बैठक का बहिष्कार
मध्यप्रदेश के सागर जिले के शाहगढ़ नगर परिषद कार्यालय में उस वक्त जमकर हंगामा देखने को मिला, जब पार्षदों ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी यानी CMO के कथित तानाशाही रवैये के विरोध में बैठक का बहिष्कार कर दिया। मंगलवार 24 मार्च को शाम 4 बजे आयोजित इस विशेष बैठक में करीब डेढ़ दर्जन महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होनी थी, लेकिन बैठक शुरू होते ही विवाद खड़ा हो गया। जानकारी के मुताबिक, जैसे ही बैठक की शुरुआत हुई, पार्षदों ने नगर की पेयजल आपूर्ति और प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। पार्षदों का आरोप है कि इन योजनाओं में CMO और निर्माण शाखा के अधिकारियों द्वारा मनमानी की जा रही है, जिससे आम जनता प्रभावित हो रही है।
पार्षदों ने बताया कि जब उन्होंने इन गंभीर मुद्दों पर चर्चा करने की कोशिश की, तो अधिकारियों ने उनकी बातों को नजरअंदाज किया और संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इससे नाराज होकर सभी पार्षद एकजुट हो गए और विरोध स्वरूप बैठक कक्ष से बाहर निकल आए। बैठक का बहिष्कार करते हुए पार्षदों ने कहा कि नगर के मुख्य विकास कार्यों को दरकिनार कर अधिकारी अपनी मनमर्जी चला रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि जब तक इन अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच नहीं होती और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक वे इस तरह के विरोध जारी रखेंगे।
इस घटनाक्रम के बाद नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। जहां एक ओर विकास कार्यों पर चर्चा होनी थी, वहीं दूसरी ओर विवाद के चलते बैठक पूरी तरह से प्रभावित हो गई। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या पार्षदों की शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई होती है या नहीं। फिलहाल इस मुद्दे को लेकर नगर की राजनीति गरमा गई है और आम जनता की नजरें अब प्रशासनिक कदमों पर टिकी हुई हैं।