Sagar - डॉक्टर की प्रेम-कहानी से उजड़ा हंसता-खेलता परिवार, मासूम बच्चों का ननिहाल बना सहारा
सागर जिले के गढ़ाकोटा में डॉ. नीलेश पटेल ने एक युवती से प्रेम-प्रसंग के बीच जो खौफनाक साजिश रची उसने पूरे परिवार को उजाड़ दिया। पत्नी का गला घोंटने के बाद कार सहित उसे जलाने के मामले में पिता जेल में है। पीछे बिलखते रह गए तीन बच्चे। तीनों अब पास के गांव में अपने नाना-नानी के यहां रह रहे हैं।
10 साल की मासूम बेटी तो समझ ही नहीं पाई कि आखिर यह हो क्या गया। पापा मम्मी को इलाज कराने की कहकर ले गए थे, लेकिन मम्मी लौटकर नहीं आई। पापा का भी अब पता नहीं क्या होगा। डरी-सहमी बेटी कहती है कि पापा आएंगे तो मैं उनसे पूछेंगी- मम्मी को क्यों मारा? वो तो उस रात मुझसे कहकर गए थे कि मम्मी को अस्पताल ले जा रहे हैं।
मृतका सीमा के बड़े भाई ब्रजेश ने बताया कि बहन का बड़ा बेटा 14 साल का है। वह 7वीं कक्षा में पढ़ रहा है। इस घटना के बाद घर आ गया है। सबसे छोटा बेटा 6 साल का है। वह पहली कक्षा में है। इकलौती बेटी ने 5वीं के पेपर दिए हैं। ब्रजेश ने बताया कि जबसे बच्चों को इस घटना के बारे में पता चला वे डरे सहमे रहते हैं। तीनों को पिता से बेहद नफरत है। लड़ाई-झगड़ा तो सभी के बीच होता है, लेकिन बच्चों ने कल्पना भी नहीं की थी कि ऐसा होगा। । ब्रजेश ने बताया कि अभी बच्चे हमारे पास ही रहेंगे। यदि कभी नीलेश उन्हें अपने पास रखने के लिए दबाव बनाएगा तो हम लोग आपत्ति दर्ज कराएंगे। जो पत्नी का नहीं हुआ वह बच्चों के साथ कोई अनहोनी न कर दे, यह डर हम लोगों को भी सता रहा है। कुछ समय बाद सामाजिक स्तर पर चर्चा के बाद ही बच्चों के भविष्य को लेकर कोई निर्णय लेंगे।
एक महीने पहले नीलेश ने नई कार खरीदी थी। संभवतः उसने काफी पहले वारदात की साजिश कर ली थी। मृतका के भाई ब्रजेश का आरोप है कि सीएनजी किट वाली नई कार खरीदना मेरी बहन की हत्या की साजिश का हिस्सा हो सकता है। हम लोगों को इस बात का पूरा शक है। पुलिस इस दिशा में जांच कराए। पुलिस के अनुसार इस दिशा में जांच चल रही ही है। है। नीलेश ने कार सहित पत्नी को जलाने का राज छिपाने के लिए लैब कर्मचारी रामकृष्ण व शुभम को 2-2 लाख रुपए देने को कहा था। नई कार का खर्च भी जोड़ा जाए तो इस पूरी साजिश को अंजाम तक पहुंचाने में 12 लाख का बजट खर्च करने की प्लानिंग थी।