मौत की सड़क पर जनआक्रोश ! सिवनी-बालाघाट मार्ग के खिलाफ बरघाट बंद, सड़क पर उतरी जनता
मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में सिवनी-बालाघाट मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर जनआक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। “मौत की सड़क” के नाम से कुख्यात इस मार्ग के विरोध में बरघाट नगर में ऐतिहासिक बंद देखने को मिला। सुबह 7 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक पूरा बाजार बंद रहा, छोटे से लेकर बड़े सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों ने स्वेच्छा से इस आंदोलन को समर्थन दिया। युवा विचार मंच के नेतृत्व में आयोजित इस आंदोलन में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और जर्जर सड़क के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। नगर परिषद परिसर से लेकर तहसील कार्यालय तक रैली निकाली गई, जिसमें लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस आंदोलन की सबसे खास बात यह रही कि भारतीय जनता पार्टी के कई पदाधिकारी, सांसद प्रतिनिधि और पूर्व मंडल अध्यक्ष भी खुलकर आंदोलन के समर्थन में सामने आए। उन्होंने न सिर्फ आंदोलन को समर्थन दिया, बल्कि अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर जनता के साथ एकजुटता दिखाई। इसे सत्ता के भीतर से उठी जनभावना के रूप में भी देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि सिवनी-बालाघाट मार्ग की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि यह अब “मौत की सड़क” बन गई है। गड्ढों में तब्दील इस सड़क पर लगातार हादसे हो रहे हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है। एम्बुलेंस तक समय पर नहीं पहुंच पा रही, जिससे गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आंदोलनकारियों ने तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर 9 प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें सड़क का शीघ्र फोरलेन निर्माण, टोल टैक्स बंद करना, मृतकों के परिजनों को मुआवजा और नौकरी, तथा सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम शामिल हैं। युवा विचार मंच ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। बरघाट का यह बंद अब एक बड़ी जनचेतना और व्यवस्था के खिलाफ उठती आवाज बन चुका है।