महापौर का सख्त एक्शन, औचक निरीक्षण में गैरहाजिर कर्मचारियों पर गिरी गाज
एमपी के उज्जैन नगर निगम में आज उस वक्त हड़कंप मच गया, जब महापौर मुकेश टटवाल अचानक औचक निरीक्षण पर पहुंच गए। बिना किसी पूर्व सूचना के हुए इस निरीक्षण में कई विभागों की पोल खुलती नजर आई, जहां कई कर्मचारी बिना सूचना के नदारद पाए गए। महापौर ने मौके पर ही सख्त रुख अपनाते हुए लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दे दिए। दरअसल, नगर निगम की कार्यप्रणाली को सुधारने और अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से महापौर ने बुधवार को निगम के विभिन्न विभागों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान निगम सचिव कार्यालय, विधि विभाग, लेखा शाखा, ऑडिट, जनसंपर्क और बिल्डिंग परमिशन समेत करीब एक दर्जन विभागों के उपस्थिति रजिस्टर खंगाले गए। निरीक्षण के दौरान कई कर्मचारी बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए, जिस पर महापौर ने नाराजगी जताते हुए तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
महापौर मुकेश टटवाल ने साफ शब्दों में कहा कि कर्मचारियों की उपस्थिति उसी विभाग में दर्ज होनी चाहिए, जहां उनकी तैनाती है। अन्य विभागों में हाजिरी लगाकर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता से जुड़े मामलों में फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और समय पर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के दौरान महापौर ने निगम कार्यालयों की साफ-सफाई व्यवस्था पर भी नाराजगी जताई और सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कर्मचारियों को चेतावनी दी कि समय पर कार्यालय पहुंचना और जिम्मेदारी से काम करना अनिवार्य है, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी। महापौर के इस अचानक निरीक्षण से निगम कार्यालयों में हड़कंप मच गया। कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। इस कार्रवाई से साफ है कि अब नगर निगम में लापरवाही और अनुशासनहीनता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आने वाले समय में ऐसे औचक निरीक्षण लगातार जारी रह सकते हैं।