सागर यूनिवर्सिटी में छात्रों का उग्र आंदोलन, भूख हड़ताल के चौथे दिन बिगड़ी तबीयत,प्रशासन अब भी खामोश
सागर के डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय में छात्रों का विरोध प्रदर्शन अब गंभीर मोड़ लेता जा रहा है। योग शिक्षा विभाग के स्थानांतरण के विरोध में छात्र पिछले चार दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है। गुरुवार को हड़ताल के चौथे दिन कुछ छात्रों की तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आई है। लगातार भूखे रहने के कारण छात्रों में कमजोरी और चक्कर आने जैसी समस्याएं देखी जा रही हैं। इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे छात्रों में आक्रोश और बढ़ गया है।
अपने विरोध को और प्रभावी बनाने के लिए छात्रों ने परिसर में ‘सद्बुद्धि यज्ञ’ का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय प्रबंधन को सद्बुद्धि देने के लिए प्रार्थना की और अपने आंदोलन को शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़ बताया। छात्रों का कहना है कि योग शिक्षा विभाग वर्षों से महर्षि पतंजलि भवन में संचालित हो रहा है, लेकिन हाल ही में कुलपति द्वारा इसे कंप्यूटर साइंस विभाग में स्थानांतरित करने का आदेश जारी किया गया है। उनका आरोप है कि यह फैसला बिना किसी ठोस कारण के लिया गया है, जिससे उनकी पढ़ाई, कक्षाओं और अन्य व्यवस्थाओं पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक यह आदेश वापस नहीं लिया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं, चाहे इसके लिए उन्हें और भी कठिन परिस्थितियों का सामना क्यों न करना पड़े। वहीं, चौथे दिन भी प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है—क्या छात्रों की सेहत से ज्यादा अहम कोई और मुद्दा है? अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर प्रशासन कब जागेगा और इस विवाद का समाधान कब निकलेगा।