सतवास में जली गेहूं की फसल, 40 एकड़ तक फैली आग से किसानों को भारी नुकसान
मध्य प्रदेश के देवास जिले के सतवास क्षेत्र से किसानों के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है, जहां आग की दो अलग-अलग घटनाओं ने खेतों में खड़ी और कटी फसलों को अपनी चपेट में ले लिया। इन घटनाओं में किसानों को लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। पहली घटना सतवास के चतरपुरा गांव की है, जहां बामनी तालाब के पास एक खेत में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और खेत में खड़ी गेहूं की पूरी फसल जलकर राख हो गई। किसान जब तक कुछ समझ पाते, तब तक उनकी महीनों की मेहनत आग की भेंट चढ़ चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही पटवारी मौके पर पहुंचे और पंचनामा तैयार कर नुकसान का आकलन शुरू किया गया।
वहीं दूसरी घटना ग्राम भैरूपुरा के पास सामने आई, जहां खेतों में लगी आग तेजी से फैलती चली गई। आग ने करीब 40 एकड़ क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि राहत की बात यह रही कि यह आग मुख्य रूप से नरवाई यानी फसल के अवशेष तक ही सीमित रही और खड़ी फसल को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा। घटना की जानकारी मिलते ही सतवास नगर परिषद की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। ग्रामीणों ने भी बढ़-चढ़कर मदद की और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। समय रहते आग को बुझा लिया गया, जिससे यह आसपास के खेतों और गांवों तक फैलने से रुक गई और एक बड़ा हादसा टल गया।
प्रशासन ने दोनों घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट या मानवीय लापरवाही मानी जा रही है, लेकिन असली कारण जांच के बाद ही सामने आएगा। यह घटना एक बार फिर किसानों की मेहनत और फसलों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है, जहां एक चिंगारी पूरे सीजन की मेहनत को राख में बदल देती है।