Sagar-ITI में सरकारी आदेशों की अनदेखी, स्टाफ और बच्चों को जबरन बुलाया,PMKVY कोर्स के लिए
मध्य प्रदेश सरकार ने आदेश जारी किया की 30 मार्च को महावीर जयंती पर अवकाश रहेगा। सागर कलेक्टर ने भी आदेश जारी कर अवकाश घोषित किया। लेकिन इसका खुलेआम उल्लंघन सरकारी संस्था द्वारा किया गया। सागर के खुरई रोड पर स्थित सरकारी ITI में बच्चों को जबरन बुलाया गया। सम्बंधित ट्रेड के लिए नहीं बल्कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के कोर्स के लिए उन्हें बुलाया गया। सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में ITI के बच्चे भी पहुंच गए। अलग- अलग ट्रेड में पढ़ाई करने वाले बच्चों को बुलाकर प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की अटेंडेंस पूरी करवाई गई। इसके अलावा स्टाफ को भी आने के आदेश दिए गए थे। प्रिंसिपल के आदेश के बाद अब कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।
जी हां ITI की नज़र में कलेक्टर की आदेश की कोई अहमियत नज़र नहीं आ रही है। बच्चों को मैसेज और फोन पर जानकारी देकर बुलाया गया। बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं यहां पर पहुंचे। बच्चों को मजबूरी में आना पड़ा। क्योंकि संस्था द्वारा बुलाया गया था। जब प्रबंधन से इस बारे में बात की गयी तो उनका कहना था की महावीर जयंती पर सम्बंधित लोगों को तो छूट दी गयी है। जबकि उच्च कार्यालय के आदेश पर बच्चों को यहां पर बुलाया गया है।
एक तरफ बच्चे अपने ITI की पढ़ाई कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ उन्हें PMKVY का कोर्स भी कराया जा रहा है। जिसकी उपस्थिति के लिए बच्चों को छुट्टी वाले दिन भी बुलाया जा रहा है। जब छात्रों से बात की गयी तो उनका कहना था की उन्हें मैसेज और फोन के माध्यम से उपस्थित होने की जानकारी दी गयी थी। जिसके बाद वो यहां पर आये हैं। वहीं प्रिंसिपल अमरनाथ साकेत से जब सवाल किया गया की छात्र-छात्राओं को साथ में दो कोर्स क्यों कराये जा रहे हैं। अवकाश वाले दिन बच्चों को क्यों बुलाया गया है। तो इस पर उनका कहना था की उच्च कार्यालय से निर्देश मिले थे जिनका पालन किया गया है। इस मामले में जब JD से फोन पर बात की गयी तो उन्होंने पल्ला झाड़ते हुए कहा की इसकी जानकारी प्राचार्य से ली जाए।
दरअसल राज्य शासन और कलेक्टर द्वारा महावीर जयंती के मौके पर अवकाश घोषित किए जाने के बावजूद सागर स्थित सरकारी आईटीआई में प्राचार्य द्वारा अलग ही आदेश जारी कर दिया गया। जिसने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दिए गए आदेश के मुताबिक, आज VC में दिए गए निर्देश अनुसार ज्यादा से ज्यादा बैच के ट्रांच सबमिट करना सुनिश्चित किया जाए। इसी उद्देश्य से सभी ITI स्टाफ कॉलेज में उपस्थित रहेगा और सभी बच्चों को उपस्थित होने के लिए आदेशित करें, अन्यथा जवाबदेही तय की जाएगी।
अब सवाल उठ रहे हैं की आखिर जब शासन और कलेक्टर ने अवकाश घोषित किया है तो संस्था द्वारा इसे नज़र अंदाज़ क्यों किया गया। क्या स्टाफ और बच्चों को छुट्टी वाले दिन बुलाना नियमों के खिलाफ नहीं है।
देखने वाली बात होती है जिम्मेदारों द्वारा इस पर क्या निर्णय लिया है।