इंजीनियर मर्डर केस में आरोपी पिता-पुत्र से कराया क्राइम सीन रिक्रिएशन, सच सामने लाने में जुटी पुलिस
एमपी के इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र में महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर शंपा पाठक को कार से कुचलकर मारने के सनसनीखेज मामले में पुलिस जांच अब और तेज हो गई है। इस बहुचर्चित केस में पुलिस ने बड़ा कदम उठाते हुए आरोपी पिता-पुत्र को घटनास्थल पर ले जाकर क्राइम सीन रिक्रिएशन कराया। समृद्धि एंक्लेव की शिव वाटिका कॉलोनी में 25 मार्च को हुई इस दर्दनाक घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया था। अब पुलिस उसी जगह पर आरोपियों—कुलदीप चौधरी और उसके बेटे मोहनीश चौधरी—को लेकर पहुंची, जहां यह वारदात हुई थी। यहां पुलिस ने दोनों से पूरी घटना दोहराने को कहा, ताकि यह समझा जा सके कि आखिर उस रात क्या और कैसे हुआ।
क्राइम सीन रिक्रिएशन के दौरान पुलिस ने घटनास्थल की स्थिति, कार की रफ्तार, भीड़ की मौजूदगी और वारदात के क्रम को बारीकी से परखा। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया से जांच को मजबूत सबूत मिलेंगे और घटना की सटीक टाइमलाइन तैयार करने में मदद मिलेगी। जांच में सामने आया है कि पेंटहाउस के इस्तेमाल को लेकर कॉलोनी में विवाद चल रहा था। इसी विवाद के दौरान कहासुनी इतनी बढ़ गई कि आरोपी पिता-पुत्र ने गुस्से में आकर कार को तेज रफ्तार से दौड़ा दिया। इस दौरान शंपा पाठक उसकी चपेट में आ गईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था, जिसमें कार भीड़ की ओर बढ़ती दिखाई दी थी। अब पुलिस उसी फुटेज और रिक्रिएशन के आधार पर पूरे घटनाक्रम को जोड़ने में जुटी है। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक, मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले में ठोस सबूतों के आधार पर चार्जशीट पेश की जाएगी। यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि गुस्से में लिया गया एक गलत फैसला किस तरह किसी की जान ले सकता है।