पुस्तक मेले में बड़ा फर्जीवाड़ा, MRP बदलकर लूटा जा रहा था अभिभावकों को, केस दर्ज
एमपी के ग्वालियर में आयोजित जिला प्रशासन के पुस्तक मेले में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहां छात्रों और अभिभावकों को किताबों के नाम पर जमकर चूना लगाया जा रहा था। एमआरपी से छेड़छाड़ कर किताबों के दाम बढ़ाने का मामला उजागर होते ही प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए स्टेशनरी संचालक और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ केस दर्ज किया है। पूरा मामला तब सामने आया जब अभिभावकों ने शिकायत की कि मेले में किताबें तय कीमत से ज्यादा दाम पर बेची जा रही हैं। साथ ही आरोप यह भी था कि स्कूल प्रबंधन अभिभावकों पर एक ही दुकान से किताबें खरीदने का दबाव बना रहा है।
शिकायत के बाद प्रशासन ने जांच कराई, जिसमें बड़ा खुलासा हुआ। आदर्श स्टेशनरी पर किताबों की असली एमआरपी को ब्लैक इंक से छिपाकर उस पर नई और ज्यादा कीमत का स्टीकर चिपकाया गया था। जांच में पाया गया कि 580 रुपए की किताब 615 रुपए में, 280 रुपए की किताब 370 रुपए में और 355 रुपए की किताब 375 रुपए में बेची जा रही थी। चौंकाने वाली बात यह रही कि यह फर्जीवाड़ा एक-दो किताबों तक सीमित नहीं था, बल्कि करीब 90 प्रतिशत किताबों में इसी तरह की हेराफेरी की जा रही थी।
मामले में कंगारू किड्स स्कूल प्रबंधन पर भी गंभीर आरोप लगे हैं, जिन पर अभिभावकों को उसी दुकान से किताबें खरीदने के लिए मजबूर करने का आरोप है। पुलिस ने आदर्श स्टेशनरी के संचालक धनराज सेवानी और स्कूल संचालक उदित गायकवाड़ के खिलाफ गोला का मंदिर थाने में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। वहीं प्रशासन ने मेले में मौजूद अन्य दुकानदारों को भी कड़ी चेतावनी दी है कि यदि एमआरपी में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या ओवरचार्जिंग पाई गई, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे मामले के सामने आने के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है और अभिभावकों के हितों की सुरक्षा के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है।