मास्टर प्लान के तहत सड़क चौड़ीकरण विवादों में, अलाइनमेंट पर उठे सवाल,रहवासी ने दर्ज कराई आपत्ति
मास्टर प्लान के तहत सड़क के चौड़ीकरण का कार्य किया जाना है। जिसके तहत सम्बंधित लोगों को नोटिस भी जारी किये गए हैं। जिससे रहवासियों में हड़कंप मच गया है। रहवासी ने नगर निगम आयुक्त और भवन अधिकारी को पत्र लिखकर रोड के वर्तमान अलाइनमेंट और सेंटर लाइन पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है। यह मामला एमपी के उज्जैन जिले का है। रहवासी का आरोप है की सड़क का निर्माण असंतुलित रूप से उनके वैध मकान की ओर किया जा रहा है। जबकि नियम के अनुसार सड़क की सेंटर लाइन को बस्ती से सुरक्षित दूरी पर होना चाहिए।
बताया जा रहा है की उज्जैन शहर के मास्टर प्लान के तहत एमआर-4 रोड को 45 मीटर चौड़ा करने की कवायद ने अब विवाद का रूप ले लिया है। नगर निगम द्वारा सड़क बाधा हटाने के लिए जारी किए गए नोटिस के बाद सरस्वती नगर के रहवासियों में हड़कंप मच गया है। क्षेत्र के निवासी नारायण सिंह ने इस पर घोर आपत्ति दर्ज कराई है। जिसमें मुख्य रूप से यह मुद्दा उठाया गया है कि सरस्वती नगर को साल 2018 में नगर निगम द्वारा नियमित किया गया था और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से इसे एनओसी भी प्राप्त है। रहवासी का तर्क है कि अगर उनका भवन नियमित कॉलोनी की सीमा के भीतर है। तो फिर सड़क चौड़ीकरण की जद में उनका आशियाना कैसे आ रहा है। पत्र के माध्यम से सवाल किया गया है कि क्या सड़क का वर्तमान रेखांकन पुराने मास्टर प्लान के अनुरूप है या इसमें जानबूझकर बदलाव किया गया है। जिससे वैध निर्माणों को क्षति पहुँच रही है। प्रभावित पक्ष ने मांग की है कि बिना किसी संयुक्त माप-जोख (डिमार्केशन) और तकनीकी परीक्षण के तोड़फोड़ की कार्रवाई करना न्यायोचित नहीं है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि विकास योजना 1991 और 2035 के नक्शों का पुनरावलोकन किया जाए और जब तक सुनवाई की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई जाए।