भोजशाला विवाद पर हाईकोर्ट में बहस, ASI रिपोर्ट और वीडियो साक्ष्यों पर टिकी नजर, 6 अप्रैल को सुनवाई
एमपी के धार की भोजशाला विवाद पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में आज अहम सुनवाई हुई, जहां दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क मजबूती से पेश किए। सुनवाई के बाद कोर्ट ने अगली तारीख 6 अप्रैल तय कर दी है, जिस पर अब सबकी नजरें टिकी हुई हैं। आज की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद और गौरी शंकर जैन ने कोर्ट के सामने विस्तृत दलीलें रखीं। मुस्लिम पक्ष ने धार में चल रहे सिविल सूट का हवाला देते हुए मांग की कि पहले उस मामले की सुनवाई पूरी की जाए, जिसकी अगली तारीख 10 अप्रैल तय है।
वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए साफ कहा है कि सभी बिंदुओं पर सुनवाई मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में ही होगी। इसके बाद आज इंदौर खंडपीठ में सुनवाई आगे बढ़ी। इस पूरे विवाद का केंद्र है—धार स्थित भोजशाला परिसर, जिसे लेकर हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्ष अपने-अपने दावे कर रहे हैं। हिंदू पक्ष इसे मां वाग्देवी सरस्वती मंदिर, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद/दरगाह मानता है।
गौरतलब है कि हाईकोर्ट के आदेश पर ASI द्वारा 98 दिनों तक वैज्ञानिक सर्वेक्षण किया गया, जिसकी रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जा चुकी है। रिपोर्ट में यह संकेत मिले हैं कि वर्तमान ढांचा प्राचीन मंदिर के अवशेषों पर बना हो सकता है। अब इस मामले में वीडियोग्राफी, फोटो और अन्य तकनीकी साक्ष्यों पर भी गहन चर्चा होगी, जिन्हें आगामी सुनवाई में परखा जाएगा।
हिंदू पक्ष के वकील शिरीष दुबे और मुस्लिम पक्ष के वकील अशर वारसी ने भी अपने-अपने पक्ष को मजबूती से रखा है। फिलहाल, कोर्ट ने सभी दलीलों को रिकॉर्ड में लेते हुए सुनवाई को 6 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दिया है। मंदिर या मस्जिद… सच क्या है? फैसला अभी बाकी है। हर अपडेट के लिए बने रहिए हमारे साथ।