BJP विधायक संजय पाठक पर हाईकोर्ट सख्त, जज से संपर्क मामले में आपराधिक अवमानना का आदेश
एमपी के जबलपुर से बड़ी खबर सामने आई है, जहां मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भाजपा विधायक संजय पाठक के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने जज से संपर्क करने के मामले में उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना का प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए हैं, जिससे उनकी कानूनी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। यह मामला कटनी निवासी आशुतोष दीक्षित द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि विधायक संजय पाठक ने हाईकोर्ट के जज जस्टिस विशाल मिश्रा से संपर्क करने की कोशिश की, जो कि न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास माना गया।
दरअसल, यह पूरा विवाद पाठक परिवार से जुड़ी खदानों के मामले की सुनवाई के दौरान सामने आया। बताया गया कि 1 सितंबर 2025 को खुद जस्टिस विशाल मिश्रा ने इस बात का खुलासा किया था कि उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जस्टिस मिश्रा ने निष्पक्षता बनाए रखने के लिए खुद को इस केस की सुनवाई से अलग कर लिया था और पूरे प्रकरण को मुख्य न्यायाधीश के समक्ष भेज दिया गया था।
इसके बाद याचिकाकर्ता ने संबंधित अधिकारियों से शिकायत भी की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर मामला दोबारा हाईकोर्ट पहुंचा। गुरुवार को हुई सुनवाई में चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने न केवल याचिका का निस्तारण किया, बल्कि खुद हाईकोर्ट को ही शिकायतकर्ता मानते हुए विधायक संजय पाठक के खिलाफ आपराधिक अवमानना का केस दर्ज करने का आदेश दे दिया। इस फैसले के बाद राजनीतिक और कानूनी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। अब बड़ा सवाल—क्या इस मामले में आगे और सख्त कार्रवाई होगी? अपडेट के लिए बने रहिए हमारे साथ।