शराब दुकान में आरक्षक बने सेल्समैन, ठेकेदार न मिलने से सरकार संचालित करा रही दुकान | SAGAR TV NEWS
क्या आपने कभी सुना है पुलिस शराब की दुकान में शराब बेच रही हो। शायद नहीं सुना होगा। लेकिन ऐसा देखने को मिला एमपी के पन्ना में, जहां सरकारी तौर से प्रशासन ही शराब दुकानों का संचालन कर रहा है। ऐसी स्थिति इसलिए बनी क्योंकि कुछ दुकानों की समय से नीलामी नहीं हो पाई। जिन दुकानों के ठेकदार नहीं मिल पाए हैं। उनका संचालन अब सीधे सरकार द्वारा किया जायेगा। दरअसल मध्य प्रदेश की नई आबकारी नीति के तहत इस बार शराब दुकानों के नीलामी की प्रक्रिया समय पर पूरी न नहीं हो पाई।
जिससे अनोखी स्थिति बन गई। पन्ना जिले की जिन दुकानों के लिए ठेकेदार नहीं मिल पाए हैं। उनका संचालन अब सीधे सरकार द्वारा किया जाएगा। बताया गया की जिला प्रशासन ने 31 मार्च की समय सीमा तक जिले की सभी दुकानों का टेंडर पूरा करने की कोशिश की थी। लेकिन 39 में से 6 दुकानों की नीलामी नहीं हो सकी। शासन के निर्देशों का पालन करते हुए कलेक्टर की अध्यक्षता वाली जिला निष्पादन समिति ने इन दुकानों को शासकीय रूप से चलाने का निर्णय लिया है।
इन दुकानों में पवई, गुनौर, सलेहा, कृष्णगढ़, अजयगढ़ और मोहन्द्रा शामिल है। जिनमें जिला आबकारी अधिकारी मुकेश कुमार मौर्य के अनुसार, जब तक इन दुकानों की नीलामी प्रक्रिया सफल नहीं होती, तब तक विभाग के अधिकारी और कर्मचारी ही यहाँ व्यवस्था संभालेंगे। उपनिरीक्षक मुकेश कुमार पाण्डेय को पवई, कृष्णगढ़ और मोहन्द्रा का प्रभार मिला है। वहीं उपनिरीक्षक हरीश पाण्डेय को गुनौर और सलेहा का प्रभार सौंपा गया है। साथ ही विक्रांत जैन को अजयगढ़ का प्रभार दिया गया। इन अधिकारियों के सहयोग के लिए आबकारी आरक्षकों और नगर सैनिकों को सेल्समैन के रूप में तैनात किया गया है। इसमें सोनू कोरकू, कुलदीप जाटव आरक्षक समेत नगर सैनिक मोतीलाल प्रजापति, वीरेंद्र यादव और अन्य सहयोगियों की ड्यूटी लगाई गई है।------