हाईटेक गिरोह का पर्दाफाश,निवेश के नाम पर भोले-भाले लोगों को ठगते थे,4 शातिर गिरफ्तार | SAGAR TV NEWS |
4 शातिर जालसाज युवक भोले-भाले लोगों को शेयर बाज़ार में निवेश के नाम पर फंसाते और उनके साथ ठगी करते थे। जो अब पुलिस के हत्थे चढ़ गए हैं। करोड़ों रुपयों की हेराफेरी करने वाले इस गिरोह के मुख्य संचालक समेत 4 शातिर जालसाजों को पुलिस ने दबोच लिया है। उज्जैन जिले की जीवाजी पुलिस ने इंदौर पहुंचकर एक आलीशान कार्यालय में छापा मारा और यहां संचालित हो रहे एक बड़े डिजिटल ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है। बताया गया की ये आरोपी महिंद्रा ट्रेडिंग नामक फर्जी मोबाइल ऐप के जरिए भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाते थे। ठगी का यह खेल तब उजागर हुआ जब उज्जैन के सूरज राठौर ने सत्तर हजार रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों का पीछा करते हुए इंदौर के विजय नगर क्षेत्र में दबिश देकर इस काले कारोबार को जड़ से उखाड़ फेंका। एडिशनल एसपी आलोक शर्मा के मुताबिक इन 4 आरोपियों ने ठगी के लिए बाकायदा एक कॉल सेंटर बना रखा था। जहाँ प्रशिक्षित कर्मचारी निवेशकों को झांसे में लेते थे। शुरुआत में असली ट्रेडिंग ऐप के जरिए विश्वास जीता जाता और फिर ज्यादा मुनाफे का लालच देकर उन्हें फर्जी ऐप पर ले जाया जाता था। वहाँ बनावटी ग्राफ और फर्जी मुनाफा दिखाकर निवेशकों से लाखों रुपये जमा करवा लिए जाते। जब कोई अपना पैसा वापस मांगता, तो उसे तकनीकी दिक्कतों का डर दिखाकर और अधिक राशि ऐंठने का दबाव बनाया जाता था। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में कंप्यूटर, बेनामी सिम कार्ड और बैंक खाते जब्त किए हैं। पकड़े गए आरोपियों में अरुण लोधी, नीरज आदिवासी, राहुल पाटीदार और सौरभ यादव शामिल हैं। थाना प्रभारी विवेक कानौडिया के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब गिरोह को फर्जी सिम और बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले फरार आरोपी मिंटू उर्फ मयूर परिहार की तलाश में जुटी है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर असुरक्षित ऐप में निवेश न करें और सतर्क रहें। डिजिटल ठगों की इस गिरफ्तारी से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और पुलिस अब इस नेटवर्क की अन्य कड़ियों को खंगालने में जुटी है।--