70 साल के शख्स की अनूठी आस्था, 21 दिनों में पूरी की साढ़े तीन हजार किमी की नर्मदा परिक्रमा
कहते हैं की अगर मन में सच्ची चाह हो, आस्था हो, विश्वास हो, तो क्या कुछ नहीं किया जा सकता है। इसी तरह एक शख्स भी हैं। जिन्होंने 70 साल की उम्र में वो कर दिखाया जिसकी अब सराहना की जा रही है। 70 साल के अशोक मंडलोई ने 21 दिनों में साढे़ तीन हजार किलोमीटर की नर्मदा परिक्रमा को पूरा किया है। जब वह वापिस लौटे तो उनका भव्य स्वागत किया गया। आपको नज़र आने वाले ये एमपी के उज्जैन के रहने वाले अशोक मंडलोई हैं। भक्ति और दृढ़ संकल्प के अद्भुत संगम के साथ वह अपनी दूसरी नर्मदा परिक्रमा पूरी कर शहर लौटे हैं। मोटर साइकिल से करीब साढे़ तीन हजार किलोमीटर की यह कठिन यात्रा उन्होंने मात्र 20 से 21 दिनों में पूरी की। 16 मार्च को ओंकारेश्वर से अपने पूर्वजों का आव्हान पर शुरू हुई इस यात्रा के सफल समापन पर योगेश्वरी टेकरी शाखा द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान अशोक मंडलोई ने सभी उपस्थितों को पवित्र नर्मदा जल का वितरण भी किया। इस दौरान अशोक मंडलोई ने बताया कि उन्होंने यह यात्रा 16 मार्च को शुरू की थी, जिसे लगभग 21 दिनों में सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया है। उन्होंने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वाहन से यह यात्रा साढे़ तीन हजार किलोमीटर की होती है। जबकि पैदल मार्ग से परिक्रमा करने पर यह दूरी 3 हजार किलोमीटर से भी ज्यादा की रहती है। उनके मुताबिक वे 1975 से अब तक 50 बार लघु परिक्रमा और एक बार पूरी पैदल यात्रा कर चुके हैं। लेकिन इस बार की यात्रा उन्होंने बाइक से पूरी की। दैनिक अवंतिका के प्रधान संपादक सुरेंद्र मेहता उर्फ सुमन ने बताया कि अशोक मंडलोई का टेकरी शाखा के सदस्यों द्वारा पुष्प वर्षा और माला पहनाकर भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने मंडलोई के जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि वे पिछले कई वर्षों से नर्मदा परिक्रमा और पंचक्रोशी यात्रा कर रहे हैं, साथ ही अयोध्या के कारसेवा आंदोलन में भी उनकी गौरवशाली भूमिका रही है। इस दौरान कई लोगों की मौजूदगी रही।--