जल-जंगल-जमीन के लिए आदिवासियों का फूटा गुस्सा,दिल्ली कूच की बात पर छावनी बना इलाका
जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए आदिवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। और सड़क पर सैंकड़ों की संख्या में आदिवासी उतर आये। जिन्होंने दिल्ली कूच का एलान किया तो शहर छावनी में तब्दील हो गया। आरोप है की इस दौरान पुलिस से भी झूमाझटकी हुई। तस्वीरें एमपी के पन्ना जिले से सामने आई हैं। जहां डायमंड चौक रणक्षेत्र बन गया। लोगों को पुलिस ने समझाइश देते हुए रोका।
पन्ना जिले में जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए आदिवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रशासनिक वादाखिलाफी और दमन के विरोध में जय किसान संगठन के नेतृत्व में सैंकड़ों किसानों और महिलाओं ने दिल्ली कूच का ऐलान किया। जिससे भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। जब प्रदर्शनकारी दिल्ली की ओर बढ़ने लगे तो पुलिस ने डायमंड चौराहे पर बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की। आरोप है कि प्रशासन ने जिले भर से आ रहे किसानों के वाहनों को रास्ते में ही जब्त कर लिया। इससे नाराज आदिवासी पैदल ही आगे बढ़ गए। जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई।
आंदोलनकारियों का आरोप है कि 12 मार्च को दिए गए लिखित आश्वासन के बावजूद उन्हें दस्तावेज के बदले धारा 163 और फर्जी मुकदमे मिले। समाजसेवी अमित भटनागर ने स्थानीय प्रशासन से वार्ता समाप्त करते हुए न्याय-अधिकार जन आंदोलन का शंखनाद कर दिया है। तनावपूर्ण स्थिति के बीच, पुलिस ने करीब एक घंटे बाद प्रदर्शनकारियों को बसों से खजुराहो के लिए रवाना किया। किसानों ने साफ़ चेतावनी दी है कि वे हर हाल में दिल्ली पहुँचकर जंतर-मंतर पर हुंकार भरेंगे। इसके पहले इन किसानो ने पन्ना कलेक्ट्रेट का दो दिनों तक घेराव किया था जिसके बाद प्रशासन ने बातचीत शुरू की थी। लेकिन दो हफ्ते के बाद बात विफल हुई तो शासन प्रशासन को खून से ख़त लिखा। लेकिन तब भी बात इन किसानो कि नहीं सुनी गयी तो दिल्ली कूच कर गए। जिससे पन्ना में हंगामा मच गया।
इस पूरे मामले में पन्ना एसडीएम संजय नागवंशी ने जानकारी दी।