किसानों का फूटा गुस्सा! खरीदी में देरी पर सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी
एमपी के सागर संभाग के दमोह जिले के पथरिया में किसानों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। अपनी मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा और साफ चेतावनी दी—अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन होगा। दरअसल, किसानों की सबसे बड़ी समस्या इस समय समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में हो रही देरी है। बार-बार तारीख बढ़ने से किसान आर्थिक दबाव में आ रहे हैं। किसान संघ का कहना है कि सरकार एक तरफ किसानों की आय बढ़ाने की बात करती है, लेकिन दूसरी ओर खरीदी में हो रही देरी उनके लिए नुकसान का कारण बन रही है।
ज्ञापन में किसानों ने साफ मांग रखी है कि इस बार गेहूं का उत्पादन काफी ज्यादा हुआ है, ऐसे में सरकार को पूरी मात्रा में समर्थन मूल्य पर खरीदी सुनिश्चित करनी चाहिए। साथ ही बारदान की पर्याप्त व्यवस्था समय रहते की जाए, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में परेशानी न हो। किसानों ने ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी को लेकर भी बड़ा मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि मूंग खरीदी के लिए पंजीयन प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए, ताकि किसान समय पर अपनी उपज बेच सकें।
इसके अलावा सहकारी बैंकों के ऋण और पराली जलाने पर हो रही कार्रवाई को लेकर भी किसानों ने अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि इन मुद्दों पर सरकार को राहत भरा रुख अपनाना चाहिए। किसान संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि अगर जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। अब देखना होगा कि सरकार किसानों की इन मांगों पर कितना जल्दी और कितना प्रभावी कदम उठाती है, क्योंकि खेत से लेकर मंडी तक की यह लड़ाई अब सड़कों तक पहुंचने के संकेत दे रही है।