जनसुनवाई में फूटा दर्द, बुजुर्ग दंपत्ति की पुकार, जमीन नहीं मिली तो करेंगे... और फिर
एमपी के रायसेन जिले में जनसुनवाई में आज उस वक्त भावुक दृश्य देखने को मिला, जब एक बुजुर्ग महिला अपने पति के साथ कलेक्ट्रेट पहुंची और फूट-फूटकर रोने लगी। मामला खेत के सीमांकन का है, लेकिन आरोप इतने गंभीर हैं कि प्रशासन भी हरकत में आ गया। महिला ने पटवारी, तहसीलदार और आरआई पर पैसे लेने के बावजूद काम न करने का आरोप लगाया है। सिलवानी क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली बुजुर्ग महिला सरजू बाई अपने पति के साथ कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में पहुंची। आंखों में आंसू और दिल में दर्द लेकर महिला ने बताया कि वह अपने खेत के सीमांकन के लिए पिछले कई महीनों से भटक रही है। तीन बार आवेदन देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
महिला का आरोप है कि अधिकारियों ने उससे पैसे भी लिए, लेकिन काम आज तक नहीं किया। सीमांकन नहीं होने की वजह से वह अपने खेत में फसल तक नहीं बो पा रही है, जिससे परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। जनसुनवाई में महिला की चीख-पुकार सुनकर खुद कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने तुरंत एसडीएम मनीष शर्मा को मौके पर भेजा और जल्द से जल्द समाधान करने के निर्देश दिए।
एसडीएम मनीष शर्मा ने तहसीलदार को फटकार लगाते हुए तुरंत सीमांकन करने के आदेश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पट्टा और जमीन के रिकॉर्ड में कोई गड़बड़ी है तो उसकी भी जांच कर जल्द निराकरण किया जाएगा। महिला और उसके पति ने रोते हुए कहा कि अगर जल्द न्याय नहीं मिला तो उनके पास बड़ा कदम उढाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। इस बयान ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को झकझोर कर रख दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासन की ये सख्ती कितनी असरदार साबित होती है और क्या इस बुजुर्ग दंपत्ति को उनका हक मिल पाता है या नहीं। फिलहाल, जनसुनवाई का ये मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।