सागर- समर्थन मूल्य की तारीख बढ़ाना किसानों के हित में नहीं, हो रहा नुक्सान !
समर्थन मूल्य खरीदी गेहूं, चना, मसूर, सरसों खरीदी की बार-बार तारीख बढाना किसानों के हित में नही है। इससे किसानो को नुकसान हो रहा है। 2700 रुपए गेहूं की शीघ्र खरीदी करने की मांग किसानों द्वारा की जा रही है। साथ ही कि नरवाई प्रबंधन का बिना विकल्प किए एनजीटी के आदेश का हवाला दे कर नरवाई जलाने पर आर्थिक दण्ड लगाकर एफआईआर दर्ज कर अपराधी बनाकर जेलों में डाला जा रहा है। क्या अन्यदाता को जेल मे डालकर किसान कल्याण वर्ष मनाया जाएगा। यह किसान विरोधी नीति तत्काल बंद की जाए। यह बातें सागर जिले के बीना में भारतीय किसान संघ ने कही है। दरअसल समर्थन मूल्य खरीदी पराली और अन्य समस्याओं को लेकर मसूर से भरी ट्रॉली लेकर किसान तहसील परिसर पहुंचे थे। जहां मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार हेमराज मेहर को ज्ञापन सौंपा गया।
जिसमें कहा गया की समर्थन मूल्य खरीदी गेहू, चना, मसूर, सरसों खरीदी की बार-बार तारीख बढाना किसानों के हित में नही है। इससे किसानो को नुकसान हो रहा है। इसके अलावा कहा गया की नरवाई जलाना किसान का शौक नहीं मजबूरी है। किसानों ने मांग की है कि सरकारी संस्थाओं की पुरानी तारीख 28 मार्च 2026 की जगह 15 जून 2026 की जाए। खंडवा, खरगोन, बडवानी जिलों की तरह ऋण पलटी व्यवस्था बनाई जाए। किसानों का कहना है कि उनका अनाज कृषि उपज मंडियो में डाक नीलामी में तौल के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए। व्यापारियों के घर पर तौल अपराध की श्रेणी में लाया जाए। साथ ही समर्थन मूल्य मूंग खरीदी की समय सीमा सुनिश्चित कर विधिवत से खरीदी की जाए।