सरकारी तालाब पर दबंग का कब्जा,बिना अनुमति जमीन काटकर बनाये खेत,अधिकारी नहीं सुन रहे ! आरोप
सरकारी तालाब की जमीन पर दबंगों द्वारा जमीन काटकर खेती किये जाने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। बिना अनुमति जमीन काट कर खेत बना लिए गए हैं। साथ ही बोरिंग भी करा ली गयी। जबकि कई किसानों की जमीन डूब में चली गयी। लेकिन उन्हें उसका कोई लाभ नहीं मिला। यह सारे आरोप उज्जैन जिले के खाचरोद तहसील के अन्तर्वास और बरथून गांव के लोगों ने लगाए हैं। जहां सरकारी तालाब पर कई अनियमितताओं के ग्रामीणों ने आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक जिला पंचायत विभाग उज्जैन द्वारा राजेंद्र जादौन को गांव में बना तालाब मछली पालन के लिए लीज पर दिया था। लेकिन उनके द्वारा नियम के विरुद्ध कार्य किया जा रहा है बिना अनुमति के यहां बोरवेल लगवा दिया गया। जिसकी अनुमति भी उसके पास नहीं है। तालाब में कई लोगों ने तो जमीन को काटकर खेत बना लिए हैं जिसकी सूचना ग्रामीणों ने अधिकारियों को भी दी लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। ग्रामीणों का ये भी आरोप है की बिना अनुमति और नियमों को ताक पर रखकर कार्य किया जा रहा है। जो भी व्यक्ति उसके पास मछली खरीदने जाता है तो उससे मुंह मांगे दाम वसूले जाते है साथ ही अभद्रता की जाती है। ग्रामीणों ने बताया की गांव की कई बीघा जमीन तालाब के डूब में आ गई। उसका लाभ तक नहीं मिला। राजेंद्र नामक व्यक्ति द्वारा तालाब की समिति बनाई गई लेकिन हमारे गांव के एक भी व्यक्ति को उस समिति में शामिल नहीं किया गया। आज भी हर सुविधा से वंचित हैं। कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।