ड्राइवरों का शक्ति प्रदर्शन ! भोपाल चलो पदयात्रा के बाद 14 मांगों पर सरकार को चेतावनी
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज ड्राइवरों की आवाज बुलंद होती नजर आई। मध्य प्रदेश ड्राइवर महासंघ के बैनर तले प्रदेशभर से आए हजारों ड्राइवरों ने भोपाल चलो पदयात्रा के बाद जोरदार प्रदर्शन किया। यह पदयात्रा 7 अप्रैल को इंदौर के राजवाड़ा से शुरू हुई थी, जो देवास नाके होते हुए भोपाल पहुंची। 8 अप्रैल को सभी ड्राइवर अंबेडकर मैदान में एकत्र हुए, जहां उन्होंने अपनी 14 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान ड्राइवरों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपने की तैयारी की और सरकार से अपनी मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की। महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि यह आंदोलन ड्राइवर समुदाय के अधिकार, सुरक्षा और सम्मान की लड़ाई है। ड्राइवरों की प्रमुख मांगों में सुरक्षा कानून लागू करना, सड़क दुर्घटना में मृत्यु पर 20 लाख रुपए मुआवजा, अपंगता पर 10 लाख और इलाज के लिए 5 लाख की सहायता शामिल है। इसके अलावा 55 वर्ष के बाद पेंशन योजना, ड्राइवरों को द्वितीय श्रेणी सैनिक का दर्जा, विश्राम गृह और पार्किंग जैसी बुनियादी सुविधाओं की भी मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि वे देश की परिवहन व्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन उन्हें न तो पर्याप्त सुरक्षा मिलती है और न ही सम्मान। उन्होंने ड्राइवर आयोग और वेलफेयर बोर्ड के गठन की मांग भी उठाई। इस दौरान भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(2) को निरस्त करने की मांग भी प्रमुख रूप से सामने आई।
महासंघ के नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर विचार नहीं किया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो यह प्रदर्शन राज्य से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकता है। फिलहाल, इस बड़े प्रदर्शन ने सरकार के सामने ड्राइवरों की समस्याओं को मजबूती से रख दिया है, अब देखना होगा कि इन मांगों पर क्या फैसला लिया जाता है।