सागर- कार ठीक नहीं हुई तो फोरम सख्त! डीलर को 61 हजार लौटाने और जुर्माना भरने का आदेश
सागर में एक कार मालिक की लगातार परेशानी आखिरकार न्याय में बदल गई, जब उपभोक्ता फोरम ने बड़ा फैसला सुनाते हुए डीलर को फटकार लगाई और लाखों के विवाद में ग्राहक के पक्ष में आदेश दिया। मामला मोहन नगर निवासी प्रियंक सिंघई का है, जिन्होंने अपनी महिंद्रा कार में बार-बार आ रही खराबी से परेशान होकर अधिकृत डीलर स्टार ऑटोमोबाइल्स के खिलाफ जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी।
दरअसल, प्रियंक ने यह कार साल 2016 में बैंगलोर से खरीदी थी और बाद में सागर लेकर आए। शुरुआत में कार के डैशबोर्ड पर इंजन चेक लाइट की समस्या सामने आई, जिसके बाद गाड़ी को कई बार डीलर के पास मरम्मत के लिए दिया गया। हर बार कुछ पार्ट्स बदले गए और बिल भी बनाया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी रही। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब 2022 में कार में इंजन हीटिंग की नई समस्या सामने आई। कई बार शिकायत और मरम्मत के बावजूद गाड़ी ठीक नहीं हुई। अंततः डीलर की सलाह पर बाहर की वर्कशॉप में इंजन का काम कराया गया, लेकिन वहां भी सुधार नहीं हुआ। इसके बाद लेमिडा सेंसर और रेडिएटर जैसे महंगे पार्ट्स बदले गए, जिनका कुल खर्च 61 हजार 490 रुपए तक पहुंच गया।
इतना सब होने के बावजूद कार की समस्या खत्म नहीं हुई और ग्राहक लगातार परेशान होता रहा। मामले की सुनवाई करते हुए उपभोक्ता फोरम ने सख्त रुख अपनाया और डीलर को आदेश दिया कि वह कार को पूरी तरह ठीक कर संतुष्टि के साथ लौटाए। साथ ही मरम्मत में खर्च हुए 61,490 रुपए वापस करने के निर्देश दिए। इसके अलावा मानसिक परेशानी के लिए 10 हजार रुपए और 2 हजार रुपए केस खर्च के रूप में देने का भी आदेश दिया गया है। यह फैसला उन उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा संदेश है, जो खराब सेवा के कारण परेशान होते हैं—अब न्याय मिलना संभव है।