बोरवेल में गिरे भागीरथ की मौत, जिंदा नहीं बच पाया… 22 घंटे की जंग हार गया मासूम | SAGAR TV NEWS |
एमपी के उज्जैन के बड़नगर से दिल को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है, जहां 3 साल का मासूम भागीरथ जिंदगी की जंग हार गया। खुले बोरवेल में गिरने के बाद करीब 22 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। घटना झलारिया गांव की है, जहां गुरुवार शाम करीब 7 बजे खेलते-खेलते भागीरथ एक खुले बोरवेल के पास पहुंचा। बताया जा रहा है कि बोरवेल में झांकते वक्त उसका संतुलन बिगड़ा और वह सीधे गहराई में जा गिरा। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और परिजन बदहवास हो गए।
सूचना मिलते ही प्रशासन और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंच गईं। SDRF और NDRF की टीमों ने बच्चे को बचाने के लिए हर संभव कोशिश की। लोहे की छड़ों, रस्सियों और मशीनों की मदद से लगातार प्रयास किए गए। यहां तक कि बोरवेल के पास 100 फीट लंबा और 35 फीट गहरा समानांतर गड्ढा भी खोदा गया, ताकि दूसरे रास्ते से बच्चे तक पहुंचा जा सके। रेस्क्यू के दौरान एक समय ऐसा भी आया जब भागीरथ को ऊपर तक लाने की कोशिश सफल होती दिखी, लेकिन हर बार रस्सी टूटने से वह फिर नीचे गिर गया। यह मंजर वहां मौजूद हर व्यक्ति के दिल को दहला देने वाला था।
करीब 22 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शुक्रवार शाम बच्चे को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन की ओर से जांच की बात कही जा रही है कि आखिर खुले बोरवेल को ढका क्यों नहीं गया था। यह हादसा एक बार फिर सवाल खड़ा करता है—आखिर कब तक खुले बोरवेल मासूमों की जिंदगी निगलते रहेंगे?