केन-बेतवा परियोजना पर बवाल, चिता आंदोलन में भिड़े ग्रामीण और प्रशासन, टीम को खदेड़ा
एमपी के सागर संभाग के छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। मुआवजा विसंगतियों से नाराज विस्थापितों का गुस्सा अब सड़कों पर फूट पड़ा है। गुरुवार को चिता आंदोलन के दौरान प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई, जिससे माहौल और गरमा गया। दरअसल, परियोजना से प्रभावित ग्रामीण लंबे समय से मुआवजे में गड़बड़ी का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि जमीन का उचित मूल्य नहीं दिया गया और कई परिवारों को अब तक पूरा मुआवजा नहीं मिला। इसी के विरोध में ग्रामीणों ने अनोखा चिता आंदोलन शुरू किया, जिसमें वे प्रतीकात्मक रूप से चिता पर लेटकर विरोध जता रहे हैं।
स्थिति उस समय बिगड़ गई, जब प्रशासन की टीम आंदोलन स्थल पर बातचीत के लिए पहुंची। प्रदर्शनकारियों ने इसे जबरन हटाने की कोशिश समझा और आक्रोशित हो गए। देखते ही देखते हालात इतने बिगड़ गए कि ग्रामीणों ने पुलिस-प्रशासन के अमले को मौके से खदेड़ दिया। इस पूरे घटनाक्रम के वीडियो भी सामने आए हैं, जो तेजी से वायरल हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली जा रहे थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें बीच रास्ते में रोक दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने आरोप लगाया कि उनके राशन और पानी की व्यवस्था भी बाधित की गई, ताकि वे आंदोलन छोड़ दें।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने साफ कहा कि जब तक विस्थापितों को पूरा न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने कहा कि प्रशासन लगातार संवाद की कोशिश कर रहा है। उन्होंने बताया कि करीब 90 प्रतिशत मुआवजा वितरित किया जा चुका है और बाकी प्रक्रिया भी तेजी से पूरी की जा रही है। साथ ही चेतावनी दी कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। फिलहाल, केन-बेतवा परियोजना को लेकर विवाद गहराता जा रहा है और आने वाले दिनों में यह आंदोलन और तेज हो सकता है।