MP में करप्शन पर बड़ा प्रहार: कई पंचायत सचिव सस्पेंड, 5 रोजगार सहायक बर्खास्त
एमपी के मुरैना जिले में भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। शासकीय योजनाओं में गड़बड़ी और जनहित की अनदेखी करने वाले पंचायत सचिवों और रोजगार सहायकों पर कड़ा एक्शन लिया गया है। कई सचिवों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि 5 रोजगार सहायकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। जिला प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि सरकारी योजनाओं में किसी भी तरह की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्य कार्यपालन अधिकारी कमलेश कुमार भार्गव के मुताबिक, विभिन्न ग्राम पंचायतों में जांच के दौरान अवैध वसूली, फर्जी भुगतान और विकास कार्यों में अनियमितता के मामले सामने आए थे, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
बर्रेड पंचायत में सचिव हाकिम सिंह को अभद्र व्यवहार और योजनाओं के नाम पर अवैध वसूली के आरोप में निलंबित किया गया। वहीं रोजगार सहायक सौरभ सिंह को भी सेवा से हटा दिया गया। नहरावली पंचायत में पात्र हितग्राहियों को आवास योजना से वंचित रखने पर सचिव राजेश शर्मा पर गाज गिरी, साथ ही रोजगार सहायक बृजमोहन को भी हटाया गया। अमलीडा में विकास कार्यों में गड़बड़ी के चलते रोजगार सहायक सुखवीर सिंह तोमर को कार्य से विरत किया गया। कोंथरखुर्द में रिकॉर्ड प्रस्तुत न करने और निर्माण कार्यों में अनियमितता पर सचिव राजेंद्र सिंह को सस्पेंड किया गया।
कैमाराकलां पंचायत में मनरेगा के तहत 2.63 लाख रुपए के फर्जी भुगतान का मामला सामने आने पर तत्कालीन सचिव रामस्वरूप रावत को निलंबित किया गया और रोजगार सहायक बबलू जाटव को हटाया गया। इसके अलावा मृगपुरा, जखौदा और अन्य पंचायतों में भी शिकायतों के आधार पर कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और जो भी कर्मचारी भ्रष्टाचार या लापरवाही में लिप्त पाए जाएंगे, उनके खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी।