TET पर बवाल! शिक्षकों का प्रदर्शन, अनिवार्यता खत्म करने की उठी जोरदार मांग
एमपी के सागर संभाग के दमोह जिले के पथरिया से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET को लेकर अब विरोध तेज होता नजर आ रहा है। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ब्लॉक पथरिया के बैनर तले शिक्षकों ने शनिवार को एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए TET की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग उठाई है। ज्ञापन में शिक्षकों ने साफ तौर पर कहा कि लोक शिक्षण संचालनालय और जनजातीय कार्य विभाग द्वारा प्रदेश के नॉन-TET शिक्षकों को TET पास करने के निर्देश दिए गए हैं। इस आदेश के बाद लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों में असमंजस और मानसिक दबाव की स्थिति बन गई है।
शिक्षकों का कहना है कि वे वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं और अब अचानक TET अनिवार्य करना उनके साथ अन्याय है। ज्ञापन में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद यानी NCTE की अधिसूचना और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा गया कि अलग-अलग समय में नियुक्त शिक्षकों को TET से छूट दी जा चुकी है। ऐसे में अब इसे अनिवार्य करना न्यायालय की भावना के खिलाफ बताया गया है। शिक्षकों ने मांग की है कि सरकार इस संबंध में जारी आदेशों को तत्काल निरस्त करे और प्रदेश के लाखों शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से मुक्त किया जाए। इसके साथ ही नियुक्ति तिथि से सेवा अवधि की गणना करने और अन्य वैधानिक लाभ देने की भी मांग रखी गई है।
इस दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे और उन्होंने एकजुटता दिखाते हुए अपनी आवाज बुलंद की। मोर्चा ने साफ चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही इस मुद्दे पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। अब देखना यह होगा कि सरकार इस मांग पर क्या रुख अपनाती है—क्या शिक्षकों को राहत मिलेगी या फिर आंदोलन और उग्र रूप लेगा।