ये गांव हुआ अब गाली मुक्त,गाली-गलौच पर पूर्ण प्रतिबंध, अपशब्द कहने पर 5 सौ रूपये जुर्माना
मध्य प्रदेश का एक गांव ऐसा भी है जो अब गाली मुक्त बन गया है। यहां पर गाली देना और अपशब्दों का इस्तेमाल करने पर जुर्माना लगाया जायेगा। या फिर सजा से दण्डित किया जाएगा। यह फैसला ग्राम पंचायत ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित करके लिया है। सथ ही इस नियम की जानकारी देने वाले पोस्टर पूरे गांव भर में लगाए गए हैं। अब इस गांव की जबरदस्त चर्चा हो रही है। हम बात कर रहे हैं। एमपी के बुरहानपुर जिले के बोरसल गांव की। जो प्रदेश का पहला गाली मुक्त गांव बन गया है। समाजसेवी अश्विन पाटिल की पहल और ग्राम पंचायत के सख्त निर्णय से गाली-गलौज पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
मतलब अब गाली देने वाले व्यक्ति पर 500 रुपए का आर्थिक दंड लगेगा। साथ ही उसे गांव में सार्वजनिक सफाई का दंड भी दिया जाएगा। पंचायत के मुताबिक गाली-गलौज से समाज का वातावरण दूषित होता है। इसलिए यह कदम उठाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले बच्चे और बड़े लोग, मां-बहनों के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल करते थे। हमने ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करने वाले किसी भी व्यक्ति पर 500 रुपए का जुर्माना या एक घंटे गांव की सफाई करने की सजा भी तय की है। इस पहल का नतीजा सकारात्मक रहा है और अब लोग अपशब्दों का इस्तेमाल करने से बच रहे हैं। अब आसपास के गांव के लोग भी इस पहल का स्वागत कर रहे हैं।
बताया जा रहा है की ग्राम पंचायत ने विशेष बैठक बुलाकर इस नियम को मंजूरी दी। गांव में वॉलेंटियर नियुक्त किए गए हैं जो निगरानी रखेंगे। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई होगी। सरपंच ने कहा, यह पहल गांव को सकारात्मक बनाएगी। ग्रामीणों ने पहल की सराहना की। अन्य गांव इसे अपनाने की चर्चा में हैं। युवक अश्विन पाटिल ने कहा की हमने अपने गांव में गाली मुक्त गांव नाम से एक पहल शुरू की है और मध्य प्रदेश में ऐसा करने वाला पहला गांव बन गए हैं।