सागर- अंबेडकर जयंती समारोह में SC-ST जनप्रतिनिधियों की अनदेखी पर बवाल, निगमाध्यक्ष ने कार्रवाई की मांग उठाई
सागर में अंबेडकर जयंती के आयोजन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। नगर निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार ने संभागायुक्त अनिल सुचारी को ज्ञापन सौंपते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं कि जिला स्तरीय समारोह में अनुसूचित जाति और जनजाति के जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं किया गया। दरअसल, 14 अप्रैल को संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में मोतीनगर स्थित पद्माकर सभागार में जिला स्तरीय कार्यक्रम और हितग्राही सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि ऐसे आयोजनों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
लेकिन आरोप है कि प्रभारी कलेक्टर और नोडल अधिकारियों ने इन निर्देशों की अनदेखी करते हुए SC-ST वर्ग के जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं किया। इसी मुद्दे को लेकर निगमाध्यक्ष वृंदावन अहिरवार ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। ज्ञापन में उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि सामाजिक प्रतिनिधित्व की अनदेखी है। उन्होंने मांग की है कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों ने यह चूक की है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
निगमाध्यक्ष ने यह भी कहा कि अंबेडकर जयंती जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है, खासकर उन वर्गों की, जिनके अधिकारों और उत्थान के लिए डॉ. अंबेडकर ने जीवनभर संघर्ष किया। इस मामले ने सागर की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है और क्या वाकई दोषियों पर कार्रवाई होती है या नहीं। फिलहाल, यह मुद्दा सामाजिक न्याय और प्रतिनिधित्व की बहस को फिर से तेज कर रहा है।