जीतू पटवारी को पुलिस ने रोका, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, कृषि मेले पर सियासी घमासान
एमपी के रायसेन में आयोजित उन्नत कृषि महोत्सव अब सियासत का अखाड़ा बनता जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को मेले में शामिल होने की अनुमति नहीं मिलने पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पुलिस ने उन्हें शहर की सीमा पर ही रोक दिया, जिसके बाद उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दरअसल, जीतू पटवारी भोपाल से अपने काफिले के साथ रायसेन के लिए रवाना हुए थे। जैसे ही उनका काफिला आनंद नगर के पास पहुंचा, पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। पटवारी ने पुलिस से काफी देर तक बहस की, लेकिन बिना अनुमति का हवाला देते हुए उन्हें आगे जाने नहीं दिया गया। आखिरकार उन्हें वापस लौटना पड़ा।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद जीतू पटवारी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि “मैं टकराव नहीं, संवाद के लिए जा रहा था, लेकिन सरकार मेरे जाने से डर रही है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने पहले ही केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर अनुमति मांगी थी, लेकिन जानबूझकर उन्हें रोका गया। पटवारी ने किसानों के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि प्रदेश में MSP पर गेहूं की खरीदी समय पर नहीं हुई, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि किसानों को 400 से 500 रुपए प्रति क्विंटल तक का घाटा हो रहा है।
उन्होंने खुद को किसान का बेटा बताते हुए कहा कि उनकी इच्छा थी कि वे कृषि मेले में जाकर नई तकनीकों को समझें और किसानों तक पहुंचाएं। लेकिन प्रशासन ने उन्हें रोककर यह साफ कर दिया कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाना चाहती है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि बिना अनुमति किसी भी जनप्रतिनिधि को बड़े आयोजन में शामिल होने की इजाजत नहीं दी जा सकती, इसलिए सुरक्षा के मद्देनजर यह कदम उठाया गया। फिलहाल, इस मुद्दे ने प्रदेश की राजनीति को गर्मा दिया है। कांग्रेस इसे लोकतंत्र की आवाज दबाने की कोशिश बता रही है, जबकि सरकार नियमों का पालन बताकर अपने फैसले को सही ठहरा रही है। आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।