अस्पताल में भर्ती पिता के चेहरे पर आई मुस्कान, जब बेटा 12वीं में स्टेट मेरिट में आया
एमपी के हरदा से एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जहां एक बेटे की मेहनत ने अस्पताल में भर्ती पिता के चेहरे पर मुस्कान ला दी। 12वीं बोर्ड परीक्षा के नतीजों में वाणिज्य संकाय से जय राठौड़ ने प्रदेश की मेरिट लिस्ट में 10वां स्थान हासिल कर अपने परिवार और जिले का नाम रोशन किया है। जय राठौड़ एक साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता हुकुमचंद राठौड़ एक गोल्ड लोन कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम करते हैं और रोजाना टिमरनी से हरदा आकर ड्यूटी करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने बच्चों की पढ़ाई में कभी कमी नहीं आने दी।
इस सफलता की सबसे खास बात वह पल रहा, जब जय के पिता अस्पताल में भर्ती थे। पेट दर्द की शिकायत के चलते वे पिछले कुछ दिनों से हरदा के सरकारी अस्पताल में इलाज करा रहे थे। रिजल्ट वाले दिन वे सोनोग्राफी के लिए लाइन में खड़े थे, तभी उन्हें बेटे के मेरिट में आने की खबर मिली। जैसे ही यह खुशखबरी मिली, उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने तुरंत टॉफियां मंगवाकर अस्पताल में मौजूद मरीजों और स्टाफ के बीच बांटीं। उनका कहना था कि बेटे ने आज उनका सिर गर्व से ऊंचा कर दिया।
वहीं जय राठौड़ ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, बड़े भाई और शिक्षकों को दिया है। जय बताते हैं कि उन्होंने स्कूल के साथ-साथ घर पर भी पूरी लगन और ईमानदारी से पढ़ाई की। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उनके माता-पिता ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया और हर संभव सहयोग दिया। जय का सपना है कि वह आगे चलकर एक सफल बिजनेसमैन बने और अपने परिवार का नाम और ऊंचा करे। यह कहानी सिर्फ एक सफलता की नहीं, बल्कि संघर्ष, समर्पण और परिवार के सपनों को सच करने की मिसाल है, जो हर किसी को प्रेरित करती है।