पति-पत्नी, बेटा-बहू मिलकर करते थे ब्लैकमेल, हनी ट्रैप का पारिवारिक गैंग बेनकाब !
मध्य प्रदेश के शाजापुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पूरा परिवार मिलकर हनी ट्रैप का संगठित गैंग चला रहा था। पति-पत्नी, बेटा और बहू मिलकर लोगों को जाल में फंसाते और फिर ब्लैकमेल कर लाखों रुपये वसूलते थे।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इस गैंग की सरगना पार्वती बैरागी सोशल मीडिया के जरिए लोगों से दोस्ती करती थी। इसके बाद वीडियो कॉल पर बातचीत कर आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड किए जाते और फिर उन्हें वायरल करने व झूठे दुष्कर्म केस में फंसाने की धमकी देकर मोटी रकम वसूली जाती थी।
इस पूरे खेल में पति राजेंद्र, बेटा शरद और बहू संजना भी बराबर के हिस्सेदार थे। ये लोग पीड़ितों के घर जाकर धमकाते और नकद पैसे वसूलते थे ताकि कोई रिकॉर्ड न रहे।
एक 70 वर्षीय बुजुर्ग से इस गैंग ने करीब 33 लाख रुपये वसूल लिए। आरोपी कभी 1 लाख, कभी 5 लाख तो कभी 2 लाख रुपये की मांग करते रहे। इतना ही नहीं, खाली शपथ पत्र पर साइन भी करवा लिए गए।
चौंकाने वाली बात यह है कि इस गैंग ने एक सब-इंस्पेक्टर को भी नहीं छोड़ा। उसे भी झूठे दुष्कर्म केस में फंसाने की धमकी देकर पैसे ऐंठने की कोशिश की गई।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी खासतौर पर बुजुर्ग और सीधे-साधे लोगों को निशाना बनाते थे। सोशल मीडिया से जानकारी जुटाकर उनकी आर्थिक स्थिति का अंदाजा लगाया जाता और फिर उन्हें फंसाया जाता था।
11 अप्रैल को पुलिस ने चारों आरोपियों को शुजालपुर से गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से करीब 10 लाख रुपये नकद और एक कार बरामद हुई है। हालांकि कोर्ट से उन्हें जमानत मिल चुकी है, लेकिन पुलिस उनके मोबाइल की जांच कर रही है और अन्य पीड़ितों की तलाश जारी है।
यह मामला न सिर्फ एक संगठित अपराध का खुलासा है, बल्कि यह भी चेतावनी है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से सतर्क रहना कितना जरूरी है।