डिजिटल हुआ पुलिस का सिस्टम, QR कोड से होगी सबूतों की निगरानी, शुरू हुआ पहला ई-मालखाना
मध्य प्रदेश की ग्वालियर पुलिस अब अपराध नियंत्रण के साथ-साथ अपनी आंतरिक व्यवस्था को भी हाईटेक बना रही है। पारदर्शिता और सुरक्षा को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ग्वालियर के पड़ाव थाने में पहला ई-मालखाना शुरू कर दिया गया है। ग्वालियर रेंज के आईजी अरविंद सक्सेना ने इस आधुनिक ई-मालखाने का उद्घाटन किया। इसके साथ ही ग्वालियर, भोपाल और इंदौर के बाद प्रदेश का तीसरा शहर बन गया है, जहां इस तरह की डिजिटल व्यवस्था लागू की गई है।
इस ई-मालखाने की सबसे खास बात यह है कि अब जब्त किए गए हर सामान की निगरानी QR कोड के जरिए की जाएगी। यानी हर सबूत की एक डिजिटल पहचान होगी, जिसे स्कैन करते ही उसकी पूरी जानकारी सामने आ जाएगी। नई व्यवस्था के तहत मालखाने में रखे हर सामान की फोटो लेकर पोर्टल पर अपलोड की जाएगी और उसे सुरक्षित पैक किया जाएगा। इसके साथ ही 24 घंटे CCTV कैमरों से निगरानी रखी जाएगी, जिससे किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना लगभग खत्म हो जाएगी।
अब तक मालखानों में सामान के रख-रखाव को लेकर कई बार लापरवाही और गड़बड़ी की शिकायतें सामने आती थीं, लेकिन इस डिजिटल सिस्टम से न केवल सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी भी बनेगी। ई-मालखाने में यह भी रिकॉर्ड रहेगा कि किस अधिकारी ने कब, किस उद्देश्य से सामान निकाला और कब वापस रखा। इस पूरी प्रक्रिया का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा, जिससे जवाबदेही भी तय होगी।
इस पहल से पुलिस को जांच और कोर्ट में सबूत पेश करने में भी बड़ी सहूलियत मिलेगी। अब हथियार, नकदी, गहने या नशीले पदार्थ जैसे सबूतों की लोकेशन एक क्लिक में पता चल सकेगी। कुल मिलाकर, ग्वालियर पुलिस का यह डिजिटल कदम कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।