वेतन बढ़ोतरी को लेकर हड़ताल तेज, उद्योगों पर असर,पीथमपुर में मजदूरों का उबाल !
मध्य प्रदेश के धार जिले के औद्योगिक हब पीथमपुर में मजदूरों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ रहा है। दिल्ली-नोएडा के बाद अब पीथमपुर में भी श्रमिकों की हड़ताल ने जोर पकड़ लिया है। वेतन बढ़ोतरी और मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर मजदूर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित होने लगी हैं। जानकारी के अनुसार, पिछले दो दिनों से मदरसन कंपनी में हड़ताल जारी है, जबकि गुरुवार को सेक्टर-2 स्थित बायोस्पंज कंपनी के मजदूर भी हड़ताल पर उतर आए। एक के बाद एक कंपनियों में काम ठप होने से उद्योग जगत में चिंता बढ़ गई है।
प्रदर्शन कर रहे मजदूरों का कहना है कि उन्हें न्यूनतम वेतन तक नहीं दिया जा रहा। साथ ही मैनपावर की भारी कमी के कारण मौजूदा कर्मचारियों पर काम का अत्यधिक दबाव है। श्रमिकों ने परिवहन सुविधा को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। मजदूरों के मुताबिक, कंपनी बस सुविधा के नाम पर उनकी सैलरी से ज्यादा कटौती कर रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो रही है। इन सभी समस्याओं से परेशान होकर मजदूरों ने एकजुट होकर हड़ताल का रास्ता चुना। हड़ताल के दौरान मजदूरों ने कंपनी परिसर से करीब 2 किलोमीटर का पैदल मार्च निकालकर विकास भवन स्थित लेबर ऑफिस तक प्रदर्शन किया। इस दौरान स्थिति को देखते हुए प्रशासन तुरंत हरकत में आया।
नगर पुलिस अधीक्षक रवि सोनेर और थाना प्रभारी ओम प्रकाश अहीर भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मजदूरों को समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल क्षेत्र में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। वहीं, श्रम विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में मजदूरों और कंपनी प्रबंधन के बीच बातचीत जारी है। प्रशासन का प्रयास है कि दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाकर जल्द समाधान निकाला जाए। यह हड़ताल सिर्फ वेतन का मुद्दा नहीं, बल्कि श्रमिकों की बुनियादी जरूरतों और अधिकारों की लड़ाई बनती जा रही है। अब देखना होगा कि यह आंदोलन कब तक जारी रहता है और इसका क्या परिणाम निकलता है।