कलेक्टर का सख्त एक्शन, गेहूं खरीदी से लेकर स्कूल-आंगनवाड़ी तक किया निरीक्षण
एमपी के हरदा जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कलेक्टर सिद्धार्थ जैन एक्शन मोड में नजर आए। गुरुवार को उन्होंने जिले के विभिन्न गांवों का दौरा कर गेहूं उपार्जन केंद्रों, आंगनवाड़ी, स्कूल और सड़क निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। कलेक्टर सबसे पहले ग्राम दूधकच्छ और धनगांव पहुंचे, जहां उन्होंने गेहूं उपार्जन केंद्रों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि किसानों को गेहूं बेचने में किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। समय पर तौल, भुगतान और बैठने जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
इसके बाद कलेक्टर ने बिरजाखेड़ी और दूधकच्छ में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों के लिए भू-अर्जन प्रक्रिया का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को तय समय सीमा में सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए, ताकि विकास कार्यों में कोई देरी न हो। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर आंगनवाड़ी केंद्रों और स्कूलों में भी पहुंचे। ग्राम पानतलाई और धनगांव में आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति देखकर उन्होंने संचालन को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। वहीं हाई स्कूल पानतलाई में बोर्ड परीक्षा परिणामों की जानकारी ली और स्कूल परिसर में वॉशबेसिन व टॉयलेट की मरम्मत के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने उचित मूल्य की दुकानों का भी निरीक्षण किया और राशन वितरण की व्यवस्थाएं देखीं। उन्होंने साफ निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को ही राशन मिले और सूची से अपात्र लोगों के नाम हटाए जाएं। इस दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को चेताया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी योजनाओं का लाभ आम जनता तक समय पर पहुंचना चाहिए। कलेक्टर के इस औचक निरीक्षण से जिले में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। अब देखना होगा कि इन निर्देशों का जमीनी स्तर पर कितना असर नजर आता है।