सागर- नई कलेक्टर बनीं टीचर, छात्रावास में बच्चों से पूछे पहाड़े, दी सीख और स्नेह का अनोखा संगम!
सागर में कलेक्टर प्रतिभा पाल का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला… जहां वे अफसर नहीं, बल्कि ‘टीचर’ बनकर बच्चों के बीच पहुंचीं। औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने न सिर्फ व्यवस्थाएं परखी, बल्कि खुद बच्चों की क्लास भी ले ली। दरअसल, कलेक्टर प्रतिभा पाल ने शुक्रवार को पुलिस लाइन स्थित बालक छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। यहां पहुंचते ही उन्होंने बच्चों को अपने पास बिठाया और सीधे पढ़ाई का हाल जानना शुरू कर दिया। पहाड़े, गणित और अंग्रेजी के सवाल पूछे… और बच्चों ने भी पूरे आत्मविश्वास के साथ जवाब दिए।
कलेक्टर का यह ‘क्लास टेस्ट’ सिर्फ औपचारिक नहीं था, बल्कि बच्चों के ज्ञान और आत्मविश्वास को परखने का एक खास तरीका था। सही जवाब देने वाले बच्चों को कलेक्टर ने मौके पर ही पुरस्कार देकर उनका हौसला बढ़ाया। इस दौरान कलेक्टर का ममतामयी रूप भी देखने को मिला। उन्होंने बच्चों के साथ बैठकर बातचीत की, उनकी दिनचर्या जानी और फिर सभी को सरप्राइज देते हुए पिज़्ज़ा भी खिलाया। बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने छात्रावास की रसोई, भोजन व्यवस्था और रहने की सुविधाओं का भी जायजा लिया। रसोई में काम कर रही महिलाओं से बातचीत कर गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही बच्चों के लिए बेहतर भोजन, खेल सामग्री और पुस्तकालय में अधिक किताबें उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि छात्रावास में हर जरूरी सुविधा समय पर उपलब्ध कराई जाए। कुल मिलाकर, सागर में कलेक्टर का यह निरीक्षण सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने की एक संवेदनशील पहल बनकर सामने आया… जहां प्रशासन और ममता, दोनों का खूबसूरत मेल देखने को मिला।