पिता के छलके खुशी के आंसू, तीन हीरे चमके! किसान के तीनों बच्चे बने देश के रक्षक | SAGAR TV NEWS |
बुंदेलखंड की मिट्टी एक बार फिर चमक उठी है…एमपी के सागर संभाग के छतरपुर जिले के एक साधारण किसान परिवार से निकले तीन ‘हीरे’ आज देश की सेवा के लिए तैयार हैं। कहानी है ग्राम पंचायत बरगुवा के बीरो गांव के किसान भगवान दास खंगार के परिवार की, जहां मेहनत, संघर्ष और सपनों ने मिलकर इतिहास रच दिया। भगवान दास खंगार के तीनों बच्चे—रोहित, रीना और दीपक—एक साथ सरकारी सेवा में चयनित हुए हैं। रोहित खंगार का चयन CISF में, बेटी रीना खंगार का मध्य प्रदेश पुलिस में और छोटे बेटे दीपक खंगार का भारतीय सेना में हुआ है। यह उपलब्धि सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे गांव और जिले के लिए गर्व का पल बन गई है।
सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बीच पले-बढ़े इन बच्चों ने कभी हार नहीं मानी। खेतों में मेहनत करने वाले पिता ने अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए हर संभव त्याग किया। वहीं, बच्चों ने भी दिन-रात मेहनत कर अपने सपनों को हकीकत में बदल दिया। रीना खंगार बताती हैं कि उनके पिता का सपना था कि उनके बच्चे देश की सेवा करें। दिसंबर 2025 में परीक्षा देने के बाद 25 जनवरी 2026 को आए रिजल्ट में उनका चयन एमपी पुलिस में हुआ। भाई रोहित ने अगस्त 2025 में फिजिकल पास किया और जनवरी 2026 में CISF में चयनित होकर अब चेन्नई में ट्रेनिंग ले रहे हैं। वहीं दीपक खंगार का चयन भारतीय सेना में हुआ है और वह झांसी के फतेहगढ़ में प्रशिक्षण ले रहे हैं।
बच्चों की इस सफलता पर पिता भगवान दास खंगार की आंखें नम हो गईं। उन्होंने कहा, “मेरा सपना था कि मेरे तीनों बच्चे देश की सेवा करें… आज वो सपना पूरा हो गया, इससे बड़ी खुशी क्या हो सकती है।” गांव में ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया जा रहा है। यह कहानी साबित करती है कि अगर हौसले मजबूत हों, तो अभाव भी रास्ता नहीं रोक सकते।