20 हजार की मांग पर मिलर्स का हंगामा, अधिकारी को पकड़कर कलेक्ट्रेट लाए, रिश्वत कांड का विस्फोट!
एमपी के बालाघाट जिले में भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के एक अधिकारी पर राइस मिल संचालक से 20 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। इस घटना से नाराज राइस मिलर्स ने न सिर्फ अधिकारी को मौके पर घेरा, बल्कि उसे पकड़कर सीधे कलेक्ट्रेट पहुंच गए, जहां जमकर हंगामा हुआ। मामला लालबर्रा क्षेत्र के खमरिया स्थित सिद्धि विनायक राइस मिल का है। शनिवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारी नीरज विश्वकर्मा एक निजी वाहन से जांच के लिए मिल पहुंचे थे। मिल संचालक का आरोप है कि जांच के दौरान सब कुछ सही पाए जाने के बावजूद अधिकारी ने ‘मकड़ी के जाले’ जैसी छोटी बात को बड़ी कमी बताकर कार्रवाई की धमकी दी।
संचालक के मुताबिक, अधिकारी ने मामले को रफा-दफा करने के लिए 20 हजार रुपये की मांग की। जब उनसे पहचान पत्र मांगा गया तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, जिससे संदेह और गहरा गया। इसके बाद संचालक ने तुरंत राइस मिलर्स एसोसिएशन को सूचना दी। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में मिलर्स मौके पर पहुंच गए और अधिकारी को घेर लिया। मिलर्स का आरोप है कि उक्त अधिकारी लंबे समय से जांच के नाम पर मिलों में दबिश देकर अवैध वसूली करता आ रहा है। इतना ही नहीं, लाइसेंस निरस्त करने की धमकी देकर संचालकों को डराया जाता है।
गुस्साए मिलर्स अधिकारी को पकड़कर कलेक्ट्रेट ले गए, जहां प्रशासनिक अधिकारियों के सामने जमकर बहस और हंगामा हुआ। राइस मिलर्स संगठन के पदाधिकारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए काम बंद करने की चेतावनी दी है। वहीं, विभाग के वरिष्ठ अधिकारी योगेश कुमार डोंगरे ने पुष्टि की है कि आरोपी नीरज विश्वकर्मा विभागीय अधिकारी हैं। फिलहाल मिलर्स ने कलेक्ट्रेट में लिखित शिकायत दर्ज कराई है और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस घटना के बाद जिले में विभागीय कार्यप्रणाली और भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।