सागर में कलेक्टर का सख्त अल्टीमेटम! 15 दिन में मुआवजा, 30 मई तक पूरा विस्थापन अनिवार्य SAGAR TV NEWS
सागर जिले में बंडा परियोजना को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने उलदन बांध और विस्थापन कॉलोनी का निरीक्षण करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कोई भी पात्र हितग्राही मुआवजे से वंचित न रहे। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया कि शेष सभी मुआवजा प्रकरणों का निराकरण 15 दिनों के भीतर शिविर लगाकर किया जाए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने यह भी निर्देशित किया कि 30 मई तक जलभराव प्रभावित सभी ग्रामवासियों का विस्थापन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने प्रभावित लोगों से अपील की कि वे समय रहते अपने गांव छोड़कर पानारी स्थित विस्थापन कॉलोनी में शिफ्ट हो जाएं, ताकि किसी भी तरह की असुविधा या खतरे से बचा जा सके।
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने विस्थापन कॉलोनी में मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी सख्ती दिखाई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नए आवास, सड़क, पेयजल, पाइपलाइन, बिजली, नालियां, ड्रेनेज सिस्टम और सार्वजनिक शौचालय जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि सभी निर्माण कार्य तय समय सीमा में पूरे किए जाएं, ताकि जून माह में बांध में पूरी क्षमता से जलभराव किया जा सके। अधिकारियों के अनुसार, उलदन बांध परियोजना की कुल लागत 3219.62 करोड़ रुपये है और इसका उद्देश्य सागर और छतरपुर जिले के 278 गांवों में करीब 80 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है।
परियोजना प्रबंधक ने बताया कि बांध निर्माण का लगभग 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जबकि कांक्रीट बांध का कार्य 90 प्रतिशत तक पूर्ण हो गया है। पूरी परियोजना को दिसंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। कलेक्टर के इस सख्त रुख के बाद प्रशासनिक अमले में हलचल तेज हो गई है और अब यह देखना अहम होगा कि तय समय सीमा में सभी कार्य कितनी तेजी से पूरे किए जाते हैं।