अतिक्रमण हटाओ अभियान पर बवाल, आदिवासियों को धमकी का वीडियो वायरल, गांव में तनाव
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले से एक संवेदनशील और विवादित मामला सामने आया है, जहां वन विभाग की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई ने बड़ा बवाल खड़ा कर दिया। मांधाता विधानसभा क्षेत्र के नर्लाय गांव में वन भूमि से कथित अवैध कब्जा हटाने पहुंची टीम को आदिवासी ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा, जिससे पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। जैसे ही वन विभाग और प्रशासन की टीम गांव पहुंची, स्थानीय आदिवासी परिवारों ने अपने घर और खेती बचाने के लिए विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले चार पीढ़ियों से इस जमीन पर खेती करते आ रहे हैं और यह उनकी पुश्तैनी जमीन है। करीब 15 से 20 परिवारों की आजीविका इसी भूमि पर निर्भर बताई जा रही है।
विवाद उस वक्त और बढ़ गया जब मौके पर मौजूद फॉरेस्ट रेंजर शंकर सिंह चौहान पर ग्रामीणों को धमकाने के गंभीर आरोप लगे। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में कथित तौर पर रेंजर को यह कहते सुना जा रहा है—“ज्यादा फालतू बात मत करो, नहीं तो यहीं तुम्हारी कब्र खोद दी जाएगी।” इस बयान ने मामले को और तूल दे दिया है। हालांकि, रेंजर ने सफाई देते हुए कहा कि कुछ युवक हंगामा कर रहे थे और पत्थर लेकर दौड़ रहे थे, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। उन्होंने माना कि आवेश में उनसे ऐसी बात निकल गई, जिसका गलत मतलब निकाला जा रहा है।
बताया जा रहा है कि करीब 23 एकड़ जमीन कुछ साल पहले वन विभाग को सौंपी गई थी, जिस पर विभाग अब कब्जा लेने पहुंचा है। वहीं ग्रामीणों का दावा है कि वे 80 से अधिक एकड़ भूमि पर वर्षों से खेती कर रहे हैं। इसी विरोधाभास ने विवाद को और जटिल बना दिया है। घटना के बाद गांव में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी जमीन छीनी गई तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। वहीं वायरल वीडियो के बाद प्रशासन और वन विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल मामले की जांच की मांग तेज हो गई है।