मजदूरों का फूटा गुस्सा, कम मजदूरी और PF घोटाले के आरोपों पर सड़क पर उतरे सैकड़ों श्रमिक
एमपी के धार जिले के औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर से मजदूरों के आक्रोश की बड़ी खबर सामने आई है। सेक्टर-1 स्थित ‘सिन्काम फार्मूलेशन’ दवा कंपनी के सैकड़ों श्रमिक अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए और जमकर विरोध-प्रदर्शन किया। मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों का कहना है कि उनसे रोजाना 8 घंटे काम लिया जाता है, लेकिन बदले में सिर्फ 225 रुपए दिए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि यह राशि सरकार द्वारा तय न्यूनतम मजदूरी से काफी कम है, जो सीधे तौर पर श्रम कानूनों का उल्लंघन है। मजदूरों का कहना है कि वे लंबे समय से इस समस्या को झेल रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही।
मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन पर भविष्य निधि यानी पीएफ जमा न करने का भी गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उनके वेतन से कटौती तो की जाती है, लेकिन पीएफ खाते में राशि जमा नहीं की जाती, जिससे उनके भविष्य की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। प्रदर्शन के दौरान महिला श्रमिकों ने भी खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने ठेकेदारों पर शोषण और असम्मानजनक व्यवहार के आरोप लगाए। महिलाओं का कहना है कि कार्यस्थल पर उन्हें मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिलतीं और शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं होती।
मौके पर पुलिस बल तैनात रहा, ताकि स्थिति नियंत्रण में बनी रहे। श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। फिलहाल कंपनी प्रबंधन की ओर से इस पूरे मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, मजदूरों की मांग है कि प्रशासन जल्द हस्तक्षेप कर उन्हें न्याय दिलाए। यह प्रदर्शन एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों की स्थिति और उनके अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।